Election Commission of India: भारत में लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। लेकिन कई बार मतदाता वोटर आईडी (EPIC) नहीं होने के कारण अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाते। ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) ने एक अहम फैसला लिया है जो करोड़ों मतदाताओं के लिए राहत की खबर लेकर आया है।

अब यदि किसी मतदाता के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, तो भी वह मतदान कर सकेगा। ECI ने 7 अक्टूबर 2025 को जारी अधिसूचना में 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों को वैध मान्यता दी है, जिन्हें मतदान केंद्रों पर मतदाता पहचान के लिए उपयोग किया जा सकेगा।

ये हैं वे 12 वैकल्पिक पहचान पत्र:
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आधार कार्ड
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मनरेगा जॉब कार्ड
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बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक
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स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड – जो श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी किया गया हो
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ड्राइविंग लाइसेंस
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पैन कार्ड (PAN Card)
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एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड
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भारतीय पासपोर्ट
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फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
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केंद्र/राज्य सरकार, PSU या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी सेवा पहचान पत्र
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सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी आधिकारिक पहचान पत्र
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यूडीआईडी कार्ड – सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा विकलांगजनों को जारी “विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र”
चुनाव आयोग का उद्देश्य
ECI के अनुसार, यह कदम खासकर ग्रामीण इलाकों, नए मतदाताओं, बुजुर्गों, महिलाओं और उन लोगों के लिए उठाया गया है जिनका वोटर आईडी अब तक नहीं बना है। महिला मतदाताओं की गोपनीयता और सुविधा के लिए मतदान केंद्रों पर महिला मतदान अधिकारियों की विशेष तैनाती का भी प्रावधान किया गया है।
कानूनी अधिकार और निर्देश
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत उन्हें यह अधिकार प्राप्त है कि वे मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी कर सकें। इस अधिसूचना के माध्यम से आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर सभी नए पंजीकृत मतदाताओं को EPIC प्रदान किया जाए।
बिहार और अन्य राज्यों में विशेष निर्देश
बिहार सहित जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव या उपचुनाव होने हैं, वहां ECI ने बताया कि लगभग 100% मतदाताओं को पहले ही वोटर आईडी (EPIC) जारी कर दी गई है। लेकिन यदि किसी कारणवश किसी मतदाता के पास वोटर आईडी नहीं है, तो वह ऊपर दिए गए 12 दस्तावेजों में से किसी एक को दिखाकर मतदान कर सकेगा।
यह फैसला भारत के लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। अब कोई भी मतदाता, जो पात्र है लेकिन उसके पास EPIC नहीं है, वह भी मतदान कर सकता है। इस निर्णय से जनता का भरोसा मजबूत होगा और मतदान प्रतिशत में भी इज़ाफा होने की संभावना है।











