Oman Coast Ship Attack : ओमान के समुद्र तट के नजदीक एक वाणिज्यिक (कमर्शियल) जहाज पर हुए हिंसक हमले को लेकर भारत सरकार ने बेहद कड़ा और आक्रामक रुख अख्तियार किया है। भारत ने न केवल इस कायरतापूर्ण हमले की अंतरराष्ट्रीय मंच पर तीखी निंदा की है, बल्कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में मौजूद अमेरिकी दूतावास के शीर्ष राजनयिक को विदेश मंत्रालय में तलब भी किया है।

इस अप्रत्याशित कूटनीतिक हलचल के बाद अब पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी विदेश विभाग (यूएस स्टेट डिपार्टमेंट) का आधिकारिक और बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार (11 जून) को वाशिंगटन में मीडिया से बात करते हुए यह स्पष्ट किया है कि वे इस बेहद गंभीर और संवेदनशील मामले को लेकर भारत सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ लगातार और सीधे संपर्क में बने हुए हैं।

भारत ने अमेरिकी राजनयिक को तलब कर जारी किया कड़ा विरोध पत्र
भारतीय विदेश मंत्रालय ने ओमान तट के पास हुए इस समुद्री हमले के विरोध में भारत में तैनात अमेरिका के चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को तत्काल प्रभाव से तलब किया था। इस बैठक के दौरान भारत ने अमेरिकी उप-मिशन प्रमुख को एक सख्त लहजे वाला आधिकारिक विरोध पत्र (Demarche) भी सौंपा।
मीडिया जगत की नामी रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका के उप-मिशन प्रमुख को भारत द्वारा तलब किए जाने और हाल ही में दो अलग-अलग जहाजों पर हुए संदिग्ध हमलों के संबंध में जब अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कूटनीतिक संयम बरतते हुए कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय इस मामले के शांतिपूर्ण और तार्किक समाधान के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय के साथ सीधे संवाद की स्थिति में है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने की हमले की निंदा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार (10 जून) को इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि करते हुए देश को बताया कि ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर बड़ा हमला हुआ है। इस बदकिस्मत जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल (क्रू मेंबर्स) के सदस्य सवार थे। भारतीय नौसेना और स्थानीय सुरक्षा बलों के त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन की बदौलत इनमें से 21 भारतीय नागरिकों को पूरी तरह सुरक्षित बचा लिया गया है।
हालांकि, तीन भारतीय नाविक इस हादसे के बाद से अभी भी लापता हैं, जिनकी समंदर में बड़े पैमाने पर तलाश की जा रही है। विदेश मंत्रालय ने अपने कड़े बयान में कहा, “हम ओमान तट के पास हमारे वाणिज्यिक पोत ‘सेटेबेलो’ पर हुए इस भयावह और हिंसक हमले की सबसे कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।”
अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन
भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारों में नागरिक और व्यापारिक जहाजों पर लगातार हो रहे इन हमलों को वैश्विक सुरक्षा के लिए एक अत्यंत चिंताजनक संकेत बताया है। मंत्रालय का मानना है कि यह खतरनाक स्थिति उस क्षेत्र में लंबे समय से जारी संघर्ष और युद्ध का ही एक सीधा परिणाम है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और सभी संबंधित पक्षों से तत्काल प्रभाव से तनाव को कम करने तथा कूटनीतिक समाधान के लिए जारी बातचीत को सफल बनाने की पुरजोर अपील की है, जिससे वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर शांति और स्थिरता बहाल हो सके।
बयान में स्पष्ट कहा गया कि कमर्शियल जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाली हिंसक घटनाएं तुरंत बंद होनी चाहिए ताकि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री मार्गों पर निर्बाध और सुरक्षित व्यापारिक आवाजाही बहाल की जा सके।
होर्मुज स्ट्रेट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भारत ने जताई गहरी चिंता
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार (8 जून) को भी पालाऊ के झंडे वाले एक अन्य जहाज ‘एमटी मैरिवेक्स’ में अचानक आग लगने की भयानक घटना सामने आई थी। यह घटना होर्मुज स्ट्रेट के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिणी हिस्से में हुई थी, जहां सक्रियता दिखाते हुए जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि एमटी मैरिवेक्स ओमान तट के पास पूरी तरह निष्क्रिय हो गया था, जिसे समय रहते रेस्क्यू किया गया। भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में दोबारा भड़क रहे तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि 100 दिनों से अधिक समय से जारी इस संघर्ष ने न केवल भारी मानवीय संकट खड़ा किया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा ग्रिड (सप्लाई चेन) को भी हिलाकर रख दिया है।










