Online Gaming Bill : 2 लाख करोड़ रुपये के कारोबार पर लाल बत्ती, लाखों बेरोजगार! ऑनलाइन गेमिंग बिल पर सवाल

Online Gaming Bill : केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित ऑनलाइन गेमिंग बिल ने देश के इस तेजी से बढ़ते उद्योग को संकट में डाल दिया है। इसके बाद देश के प्रमुख ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म जैसे ड्रीम 11, एमपीएल सहित 11 बड़े पोर्टल ने वित्तीय लेनदेन के माध्यम से गेमिंग सेवाएं रोक दी हैं। इस फैसले से ना केवल लाखों लोगों की नौकरियां खतरे में हैं, बल्कि 2 लाख करोड़ रुपये के कारोबार पर भी गहरा असर पड़ेगा।

ads

ऑनलाइन गेमिंग बिल: उद्योग पर सख्त लगाम

केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में ऑनलाइन गेमिंग कानून को ध्वनिमत से पारित किया, जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का रूप दिया गया। यह कानून मुख्य रूप से ऑनलाइन गेमिंग में वित्तीय लेनदेन पर सख्ती करता है। हालांकि सरकार का मकसद इसे गैंबलिंग जैसी गतिविधियों से अलग करना और नियंत्रण में रखना है, लेकिन इस कड़े फैसले के बाद गेमिंग उद्योग की पूरी आर्थिक गतिविधि ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।

ads

2 लाख करोड़ रुपये का कारोबार और लाखों रोजगार प्रभावित

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग का बाजार मूल्य लगभग 2 लाख करोड़ रुपये है। इस क्षेत्र ने पिछले वर्षों में 31 हजार करोड़ रुपये की आय अर्जित की है और करीब 20 हजार करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर केंद्र सरकार को दिया है। इस उद्योग से जुड़े कई स्टार्टअप, इंजीनियर, कंटेंट क्रिएटर और अन्य कर्मचारी अब बेरोजगार होने की स्थिति में हैं। अनुमान है कि इस बिल के कारण कम से कम दो लाख लोगों की नौकरियां सीधे तौर पर प्रभावित होंगी।

उद्योग संगठनों का विरोध और केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए देश के तीन प्रमुख गेमिंग संघठनों—ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (AIGF), फेडरेशन ऑफ इंडियन फैंटेसी स्पोर्ट्स (FIFS) और ई-गेमिंग फेडरेशन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। उन्होंने इस उद्योग को बचाने और संरक्षण देने की अपील की है। इन संगठनों का मानना है कि अचानक सभी गेमिंग पोर्टल का बंद होना इस क्षेत्र के लिए विनाशकारी होगा, जिससे न केवल देश के आर्थिक हित प्रभावित होंगे, बल्कि विदेशी निवेशकों और नागरिकों को भी बड़ा झटका लगेगा।

विशेषज्ञों की राय

AIGF के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोलैंड लैंडर्स का कहना है कि इस उद्योग में रोजगार के साथ-साथ आर्थिक योगदान भी बहुत बड़ा है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि वित्तीय लाभ के पहलू को ध्यान में रखते हुए इस बिल पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “यह फैसला इस तेजी से विकसित हो रहे सेक्टर के लिए आखिरी कील ठोकने जैसा है।”

भविष्य की राह

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग भारत की युवा पीढ़ी के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहा था। लेकिन इस बिल के चलते एक बड़े उद्योग के लिए अस्थिरता पैदा हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को इस क्षेत्र के लिए संतुलित और समझदारी से नीति बनानी चाहिए, जिससे खेल-कूद के माध्यम से रोजगार और कर राजस्व दोनों को बढ़ावा मिले।

केंद्र सरकार के ऑनलाइन गेमिंग बिल ने देश के दो लाख करोड़ रुपये के इस तेजी से बढ़ते उद्योग को बड़ी चुनौती में डाल दिया है। लाखों युवाओं के रोजगार खतरे में हैं और उद्योग के आर्थिक योगदान पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है। इसलिए सरकार से यह अपेक्षा है कि वह इस मामले में उद्योग की बात सुने और एक संतुलित समाधान निकाले।

Raed More  : Bhupesh Baghel birthday : रायपुर में तीजा-पोरा तिहार की धूम, भूपेश बघेल के जन्मदिन पर हुआ भव्य आयोजन, गैस सिलेंडर में आग से अफरा-तफरी

Admin

Admin

Writer & Blogger

All Posts
Previous Post
Next Post

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.