Pacific Ocean cocaine bust
Pacific Ocean cocaine bust: प्रशांत महासागर के गहरे पानी में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सैन्य ऑपरेशनों में से एक को अंजाम दिया गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी की सटीक जानकारी के आधार पर मेक्सिको और अल सल्वाडोर की नौसेनाओं ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए 10 टन से अधिक कोकीन जब्त की है। इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट्स के लिए एक घातक प्रहार माना जा रहा है। यह ऑपरेशन डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की उस सख्त नीति का हिस्सा है, जिसके तहत लातिन अमेरिकी देशों पर मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है।
इस पूरे अभियान में सबसे महत्वपूर्ण सफलता अल सल्वाडोर की नौसेना के हाथ लगी है। नौसेना के जहाजों ने तट से लगभग 380 मील दूर तंजानियाई ध्वज वाले 180 फुट लंबे विशाल पोत ‘FMS ईगल’ को घेराबंदी कर रोका। तलाशी के दौरान जहाज के गुप्त केबिनों से 6.6 टन कोकीन बरामद हुई, जिसे 330 बड़े पैकेटों में सावधानी से छुपाया गया था। इस दौरान कोलंबिया, पनामा और इक्वाडोर सहित विभिन्न देशों के 10 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। अल सल्वाडोर के रक्षा अधिकारियों ने इसे अपने देश के इतिहास की सबसे बड़ी ड्रग जब्ती करार दिया है।
मेक्सिको ने भी इस जंग में अपनी आक्रामक उपस्थिति दर्ज कराई है। मेक्सिको की नौसेना ने मंजानिलो बंदरगाह से 463 किलोमीटर दूर एक संदिग्ध नौका का पीछा कर उसे दबोच लिया। इस कार्रवाई में लगभग चार टन नशीले पदार्थ जब्त किए गए और तीन तस्करों को हिरासत में लिया गया। मेक्सिको के सुरक्षा मंत्री ओमार गार्सिया हारफुच ने इस सफलता का श्रेय ‘यूएस नॉर्दर्न कमांड’ से मिली रियल-टाइम खुफिया जानकारी को दिया है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि मेक्सिको की नई सरकार अब ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
वाशिंगटन में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिको पर मादक पदार्थों की जब्ती बढ़ाने और सीमा पार तस्करी रोकने के लिए कड़े प्रतिबंधों की चेतावनी दी थी। इसका असर मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम की नीतियों में साफ नजर आ रहा है। उन्होंने न केवल सैन्य अभियान तेज किए हैं, बल्कि दर्जनों हाई-प्रोफाइल ड्रग तस्करों को अमेरिका प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया को भी मंजूरी दे दी है। हालांकि, यह कूटनीति पूरी तरह विवाद मुक्त नहीं है, क्योंकि मेक्सिको के भीतर अमेरिकी प्रभाव को लेकर बहस भी तेज हो गई है।
ड्रग्स के खिलाफ इस वैश्विक जंग ने अब एक हिंसक मोड़ ले लिया है। मेक्सिको की राष्ट्रपति ने प्रशांत महासागर और कैरेबियाई क्षेत्र में संदिग्ध नौकाओं पर अमेरिकी सेना द्वारा किए जा रहे सीधे हमलों पर चिंता जताई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने ‘नार्को-आतंकवादियों’ को खत्म करने के लिए जो मिसाइल हमले किए हैं, उनमें इस सप्ताह 11 और पिछले कुछ महीनों में कुल 145 लोग मारे जा चुके हैं। मेक्सिको इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मान रहा है, जबकि अमेरिका इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बता रहा है। यह स्थिति दिखाती है कि मादक पदार्थों के खिलाफ यह लड़ाई अब एक जटिल अंतरराष्ट्रीय संघर्ष में तब्दील हो चुकी है।
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