Hemant Verma resigns: छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के अध्यक्ष हेमंत कुमार वर्मा ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। सोमवार को उन्होंने औपचारिक रूप से त्यागपत्र राज्य सरकार को सौंप दिया। इस्तीफे की पुष्टि करते हुए वर्मा ने एक संक्षिप्त बयान में बताया कि यह निर्णय निजी कारणों और आगे की नई जिम्मेदारियों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

हालांकि, उनका कार्यकाल अभी शेष था, लेकिन उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ने का निर्णय लेकर ऊर्जा विभाग और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। वर्तमान में उनके स्थान पर किसी को प्रभारी अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया है, लेकिन नए अध्यक्ष की तलाश शुरू हो चुकी है।

त्रिपुरा में नई जिम्मेदारी संभाल सकते हैं वर्मा
सूत्रों की मानें तो हेमंत वर्मा को जल्द ही त्रिपुरा राज्य विद्युत नियामक आयोग में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राज्य के प्रशासनिक गलियारों में इसको लेकर चर्चाएं तेज हैं।
नए अध्यक्ष के लिए नामों की चर्चा
हेमंत वर्मा के इस्तीफे के बाद अब छत्तीसगढ़ राज्य में नए अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए मंथन शुरू हो गया है। इस पद के लिए राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन का नाम सबसे आगे चल रहा है। इसके अलावा कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों के नामों पर भी विचार किया जा रहा है।
क्यों है ये पद अहम?
बिजली नियामक आयोग का अध्यक्ष पद न सिर्फ ऊर्जा नीति निर्माण, बल्कि बिजली दरों के निर्धारण, उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण, और बिजली कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस पद पर होने वाली नियुक्ति सीधे तौर पर प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को प्रभावित करती है।
हेमंत वर्मा का कार्यकाल रहा सक्रिय
हेमंत वर्मा के कार्यकाल में आयोग ने कई महत्वपूर्ण और उपभोक्ता हितैषी फैसले लिए। उन्होंने बिजली दरों को तर्कसंगत बनाने, नेट मीटरिंग, और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर सक्रियता दिखाई। साथ ही, उपभोक्ता फोरम की बैठकों में भी उनकी भागीदारी उल्लेखनीय रही।
ऊर्जा विभाग जल्द शुरू करेगा चयन प्रक्रिया
ऊर्जा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, नए अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द ही औपचारिक रूप दिया जाएगा। इसके लिए संभावित नामों की सूची तैयार की जा रही है और राज्य सरकार द्वारा मंत्रिपरिषद स्तर पर विचार के बाद अंतिम नाम पर मुहर लगाई जाएगी।
हेमंत वर्मा का समय से पहले इस्तीफा छत्तीसगढ़ की ऊर्जा प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें हैं कि कौन होगा नया चेहरा जो इस जिम्मेदारी को संभालेगा और प्रदेश के बिजली क्षेत्र को आगे ले जाएगा।










