Pappu Yadav Health
Pappu Yadav Health : बिहार की राजनीति के कद्दावर नेता और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की सेहत को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पटना के प्रतिष्ठित IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) से PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल) शिफ्ट किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, पप्पू यादव की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर नहीं थी, जिसके कारण विशेषज्ञों की सलाह पर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए रेफर करने का निर्णय लिया गया। फिलहाल, PMCH में डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निरंतर निगरानी कर रही है और उनके आवश्यक मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं।
पप्पू यादव को हाल ही में एक दशक से भी अधिक पुराने आपराधिक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें प्रारंभिक जांच के लिए IGIMS ले जाया गया था। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार होने के बजाय गिरावट देखी गई। इस खबर के फैलते ही पटना से लेकर पूर्णिया तक उनके समर्थकों और परिजनों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। उनके समर्थकों ने प्रशासन से उनके उचित और उच्च स्तरीय इलाज सुनिश्चित करने की मांग की है।
पप्पू यादव की वर्तमान मुश्किलों की जड़ में साल 1995 का एक पुराना कानूनी मामला है। यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से संबंधित है। आरोप है कि पप्पू यादव और उनके कुछ सहयोगियों ने विनोद बिहारी लाल के मकान को किराए पर लेने के दौरान धोखाधड़ी की थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि मकान को निजी इस्तेमाल के नाम पर लिया गया था, लेकिन बाद में तथ्यों को छिपाकर उस परिसर का उपयोग सांसद कार्यालय के रूप में किया जाने लगा।
इस पुराने मामले में लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। पटना की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने बार-बार समन भेजने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर कड़ा रुख अपनाया था। हाल ही में, अदालत ने पप्पू यादव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती का वारंट जारी किया था। इससे पहले कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट और इश्तेहार की प्रक्रिया भी पूरी की थी। कानूनी जानकारों का मानना है कि लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया से दूर रहने के कारण कोर्ट ने यह सख्त कदम उठाया, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी संभव हो सकी।
विनोद बिहारी लाल के मकान को कार्यालय बनाने का विवाद काफी चर्चा में रहा है। आरोप पत्र के अनुसार, किराए पर लेते समय यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि वहां राजनीतिक गतिविधियां संचालित होंगी। इस मामले में धोखाधड़ी (Section 420) और विश्वासघात की धाराओं के तहत मामला चल रहा है। पप्पू यादव के वकील इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं, लेकिन अदालत ने साक्ष्यों और पेशी में देरी को देखते हुए अब मामले को गंभीरता से लिया है।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी और फिर अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है। एक तरफ जहां उनके समर्थक इसे बदले की राजनीति करार दे रहे हैं, वहीं प्रशासन इसे कानून की सामान्य प्रक्रिया बता रहा है। फिलहाल सबकी नजरें PMCH से आने वाले मेडिकल बुलेटिन पर टिकी हैं। यदि उनकी सेहत में सुधार होता है, तो उन्हें जेल भेजा जा सकता है या अदालत में पेश किया जाएगा। आगामी 21 फरवरी के आसपास इस मामले में कुछ और कानूनी मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है।
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