Parno Mittra Joins TMC
Parno Mittra Joins TMC: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक पाला बदलने का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है। शुक्रवार को बंगाली सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री पार्णो मित्रा ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का साथ छोड़कर आधिकारिक तौर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दामन थाम लिया। कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर राज्य की स्वास्थ्य राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने उन्हें पार्टी का झंडा सौंपकर स्वागत किया।
टीएमसी में शामिल होने के तुरंत बाद मीडिया से रूबरू होते हुए पार्णो मित्रा ने काफी भावुक और स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा, “सभी इंसान गलतियां करते हैं और समय आने पर उन गलतियों को सुधारना जरूरी होता है। मुझे लगता है कि इस बार मुझे खुद को ठीक कर लेना चाहिए और मैंने वही किया है।” उन्होंने आगे कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा बनकर खुद को बेहद खुशकिस्मत महसूस कर रही हैं। अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि पिछले छह वर्षों का उनका राजनीतिक सफर एक अलग दिशा में था, लेकिन अब वह सही रास्ते पर लौट आई हैं।
पार्णो मित्रा ने अपने राजनीतिक हृदय परिवर्तन का श्रेय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे जनहितैषी कार्यों और प्रदेश के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें गहराई से प्रेरित किया है। मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्णो जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व का पार्टी में आना इस बात का सबूत है कि लोग ममता बनर्जी की कार्यशैली और विजन पर भरोसा कर रहे हैं।
पार्णो मित्रा के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो वह साल 2019 में भाजपा में शामिल हुई थीं। 2021 के हाई-वोल्टेज विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बराहनगर सीट से चुनावी मैदान में उतारा था। उस समय उनके सामने टीएमसी के कद्दावर नेता तापस रॉय थे। उस मुकाबले में पार्णो को हार का सामना करना पड़ा था। दिलचस्प बात यह है कि अब राजनीति का चक्र पूरी तरह घूम चुका है; तापस रॉय खुद अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जबकि पार्णो ने टीएमसी का हाथ थाम लिया है। वर्तमान में बराहनगर से सायंतिका बनर्जी टीएमसी की विधायक हैं।
पार्णो मित्रा केवल एक राजनीतिज्ञ ही नहीं, बल्कि बंगाली मनोरंजन जगत का एक प्रतिष्ठित चेहरा भी हैं। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2007 में रवि ओझा के लोकप्रिय सीरियल ‘खेला’ से की थी। उन्हें बड़े पर्दे पर ब्रेक प्रसिद्ध निर्देशक अंजन दत्त ने दिया। फिल्म ‘रंजना अमी आर असब ना’ में उनकी मुख्य भूमिका को दर्शकों और आलोचकों ने खूब सराहा। इसके बाद उन्होंने ‘बेडरूम’, ‘राजकहिनी’, ‘अपुर पांचाली’ और ‘अलीनगरेर गोलकधंधा’ जैसी कई हिट फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया।
2021 के चुनावों में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ग्लैमर कार्ड खेलते हुए पायल सरकार, श्राबंती चटर्जी और तनुश्री चक्रवर्ती जैसी कई दिग्गज अभिनेत्रियों को टिकट दिया था। हालांकि, इनमें से अधिकांश को हार का सामना करना पड़ा। पार्णो मित्रा का इस्तीफा भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि चुनाव से ठीक पहले एक चर्चित चेहरे का पार्टी छोड़ना संगठन के भीतर बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्णो के इस कदम का असर टॉलीवुड के अन्य उन कलाकारों पर क्या पड़ता है जो अभी भी भाजपा के साथ जुड़े हुए हैं।
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