Veer Baal Diwas 2025
Veer Baal Diwas 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित ‘वीर बाल दिवस’ के भव्य कार्यक्रम में देश भर से आए बच्चों और युवाओं को संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने आधुनिक पीढ़ी, विशेषकर Gen Z (जेन-जी) और Gen Alpha (जेन-अल्फा) के आत्मविश्वास की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं की योग्यता और उनका अटूट भरोसा ही भारत को 2047 तक एक ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य की ओर ले जाएगा। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि जब वह आज के बच्चों की आंखों में भविष्य के प्रति दृढ़ता देखते हैं, तो उनका विश्वास और अधिक मजबूत हो जाता है कि भारत की कमान सुरक्षित हाथों में है।
प्रधानमंत्री ने गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की वीरता का स्मरण करते हुए उन्हें भारत की अदम्य हिम्मत और बहादुरी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने बहुत ही कम उम्र में वह कर दिखाया जो सदियों तक याद रखा जाएगा। मुगल साम्राज्य की क्रूरता और धार्मिक कट्टरता के सामने वे चट्टान की तरह अडिग रहे। पीएम मोदी के अनुसार, साहिबजादों के बलिदान ने उस समय के आतंक की नींव हिला दी थी और यह संदेश दिया था कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए उम्र नहीं, बल्कि हौसला मायने रखता है।
इतिहास के पन्नों को पलटते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वीर बाल दिवस का यह दिन गहरी भावनाओं और सम्मान से भरा है। उन्होंने उस ऐतिहासिक संघर्ष का जिक्र किया जहाँ एक तरफ औरंगजेब का निर्दयी शासन और विशाल सेना थी, तो दूसरी तरफ श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के संस्कार और तपस्या। प्रधानमंत्री ने कहा कि औरंगजेब और उसके मिलिट्री कमांडर यह भूल गए थे कि वे साधारण बालकों से नहीं, बल्कि बलिदान की जीती-जागती मिसाल से लड़ रहे थे। भले ही पूरा मुगल साम्राज्य उनके खिलाफ खड़ा था, लेकिन वे साहिबजादों के संकल्प को एक इंच भी हिलाने में नाकाम रहे।
पीएम मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि उनकी सरकार ने साहिबजादों की बहादुरी से प्रेरणा लेकर 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की है। पिछले चार वर्षों में, इस परंपरा ने साहिबजादों की गौरवगाथा को देश के कोने-कोने तक पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल एक समारोह नहीं है, बल्कि युवाओं को अपनी जड़ों और ऐतिहासिक संघर्षों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। साहिबजादों की कहानी अब हर घर में वीरता की नई प्रेरणा दे रही है।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वीर बाल दिवस का मंच बहादुर और काबिल युवाओं को निखारने का कार्य भी कर रहा है। इसी कड़ी में, देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बच्चों को ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इस वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 20 प्रतिभावान बच्चों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पीएम मोदी ने इन बच्चों की उपलब्धियों को पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया और उन्हें भविष्य का नायक करार दिया।
अपने संबोधन के अंत में, प्रधानमंत्री ने बच्चों से आह्वान किया कि वे साहिबजादों के बलिदान से प्रेरणा लेकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का बच्चा-बच्चा अपने इतिहास पर गर्व करेगा और भविष्य की चुनौतियों का डटकर सामना करेगा। वीर बाल दिवस अब केवल एक गौरव दिवस नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के संकल्प का प्रतीक बन गया है।
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