Patliputra station : बिहार के दानापुर और पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर रविवार की सुबह छात्रों ने भारी हंगामा और उत्पाद मचाया। मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थी ट्रेनों के समय पर न चलने से बेहद नाराज थे। परीक्षा छूटने के डर से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्टेशनों पर जमकर बवाल काटा। इस हिंसक झड़प और पथराव में आईजी जितेंद्र राणा सहित कई पुलिसकर्मी और थाना इंचार्ज गंभीर रूप से घायल हो गए।

परीक्षा रद्द करने की मांग और प्रशासन का पक्ष
हंगामा कर रहे छात्रों का आरोप था कि इतनी बड़ी परीक्षा के बावजूद प्रशासन द्वारा अभ्यर्थियों के लिए यातायात और ट्रेनों के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। समय पर ट्रेन न मिलने के कारण अधिकांश छात्र परीक्षा केंद्र पहुंचने से वंचित रह गए, इसलिए अब इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन ने बताया कि आधी रात को हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ असामाजिक तत्वों ने बार-बार आपातकालीन चेन खींचकर ट्रेनों को रोका और अनावश्यक मांगें रखीं, जबकि प्रशासन ने दो स्पेशल ट्रेनें पहले से ही उपलब्ध करा रखी थीं। उपद्रवियों ने परीक्षा देने जा रहे अन्य छात्रों को भी रोका, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और ट्रेनें रवाना हो चुकी हैं।

तीन विभागों में चार हजार से अधिक पदों पर बहाली
केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित यह लिखित परीक्षा मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही के कुल 4,128 पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है। यह परीक्षा 14 जून से शुरू होकर 17 जून तक चलेगी। कुल पदों में से कक्षपाल के लिए 2,417 पद, मद्य निषेध सिपाही के लिए 1,603 पद और चलंत दस्ता सिपाही के लिए 108 पद निर्धारित किए गए हैं। इन पदों के लिए राज्य भर से हजारों की संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
दो पालियों की समय सारणी और विवाद की मुख्य वजह
यह महत्वपूर्ण परीक्षा दो अलग-अलग पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है, जिसके लिए रिपोर्टिंग का समय सुबह 8 से 9 बजे के बीच रखा गया था। वहीं दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होनी है। हंगामे की मुख्य वजह पहली पाली के छात्रों का समय पर न पहुंच पाना रहा। खगड़िया जाने वाली एक छात्रा ने बताया कि जो अभ्यर्थी अत्यधिक भीड़ के कारण ट्रेन में नहीं चढ़ सके, उन्होंने ईर्ष्या और हताशा में आकर ट्रेन को आगे बढ़ने ही नहीं दिया। वे ट्रेन के इंजन के आगे खड़े हो गए ताकि अगर उनकी परीक्षा छूटे, तो दूसरे छात्र भी परीक्षा न दे पाएं और परीक्षा रद्द हो जाए।
रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ और भारी नुकसान का मंजर
रविवार की सुबह पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन का नजारा बेहद खौफनाक था, जहां चारों तरफ सिर्फ पत्थर और टूटे हुए शीशे बिखरे पड़े थे। आक्रोशित परीक्षार्थियों ने न केवल रेलवे ट्रैक जाम किया, बल्कि वे एक इलेक्ट्रिक इंजन के ऊपर भी चढ़ गए और उसके शीशे चकनाचूर कर दिए। प्लेटफॉर्म पर रखी सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। जब मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाने और शांत कराने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने उन पर भी ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। हालांकि, सुबह होते-होते सुरक्षा बलों ने स्थिति पर काबू पा लिया, लेकिन स्टेशन पर बिखरा मलबा रात में हुए इस भीषण तांडव की गवाही दे रहा है।











