Independence Day 2025 : देश आज 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले से राष्ट्र को 12वीं बार संबोधित किया। इस बार का संबोधन ‘नया भारत’ थीम पर आधारित रहा और इसमें सेना के शौर्य, देश की एकता, स्वच्छता और ग्राम विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर फोकस किया गया।



तिरंगा फहराने के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ
प्रधानमंत्री ने सबसे पहले राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने लाल किले पर राष्ट्रध्वज फहराया। इस अवसर पर उनके साथ फ्लाइंग ऑफिसर रशिका शर्मा मौजूद रहीं। तिरंगा फहराने के तुरंत बाद 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) द्वारा 21 तोपों की सलामी दी गई। यह सलामी स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन से दी गई, जिसकी कमान मेजर पवन सिंह शेखावत के हाथों में थी। नायब सूबेदार अनुतोष सरकार गन पोजिशन ऑफिसर थे।
‘नया भारत’ थीम और अंतरराष्ट्रीय संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत के उज्जवल भविष्य और वैश्विक भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि भारत आज 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक शक्ति से आगे बढ़ रहा है। “हर कोने से एक ही गूंज है – जय भारत, जय मातृभूमि,” उन्होंने कहा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को यह संदेश भी दिया कि भारत शांति, विकास और मानवता का वाहक बनकर वैश्विक मंच पर अग्रसर है।
सेना और अग्निवीरों को विशेष स्थान
इस साल पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में 11 अग्निवीरों ने राष्ट्रगान बजाने वाले बैंड में हिस्सा लिया। यह कदम ‘नया भारत’ की युवा शक्ति को सम्मान देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
आमंत्रित विशेष अतिथि: सफाईकर्मी और सरपंच
प्रधानमंत्री मोदी ने सामाजिक समरसता और जमीनी विकास को महत्व देते हुए दिल्ली के 50 सफाईकर्मियों को समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। ये सभी अपने जीवनसाथियों के साथ लाल किले पहुंचे। इसके अलावा, देशभर से चुने गए 85 ग्राम सरपंचों को ग्रामीण परिवर्तन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
विशेष प्रतीक और प्रतीकात्मकता
इस साल के आमंत्रण पत्र पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का लोगो और चिनाब पुल का वॉटरमार्क दर्शाया गया, जो भारत की सैन्य और अवसंरचनात्मक शक्ति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी का यह 12वां संबोधन ‘नया भारत’ के निर्माण की दिशा में मजबूत राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश लेकर आया। तिरंगे की छांव में खड़े होकर उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर भारत को विश्वगुरु बनाने का आह्वान किया।
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