Nana Patekar Tribute : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस सम्मेलन में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने सबसे पहले नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सुबह सामने आई यह खबर बेहद दुखद है कि मशहूर अभिनेता अब हमारे बीच नहीं रहे।
पीएम मोदी बोले- नाना पाटेकर एक बेहतरीन कलाकार थे
प्रधानमंत्री ने नाना पाटेकर को याद करते हुए कहा कि वह ऐसे शानदार कलाकार थे, जिन्होंने अलग-अलग और चुनौतीपूर्ण किरदारों के जरिए दर्शकों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी अभिनय शैली में गहराई, तीव्रता और प्रभाव दिखाई देता था। यही वजह है कि उनके निभाए कई किरदार लंबे समय तक लोगों की यादों में बने रहे।
समाज की बुराइयों पर फिल्मों के जरिए उठाई आवाज
पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर का जीवन देश और तिरंगे की आन, बान और शान के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने कभी खुद को किसी एक दायरे तक सीमित नहीं रखा। फिल्मों में उन्होंने समाज में मौजूद बुराइयों और व्यवस्था की कमियों पर भी सवाल उठाए। उनकी कला में सामाजिक सरोकार और बदलाव की आवाज साफ नजर आती थी।
नाना की आवाज और खामोशी दोनों का था असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर की वाणी जितनी तेज और प्रभावशाली थी, उनकी खामोशी भी उतनी ही असरदार थी। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर लोगों को सोचने के लिए मजबूर किया। पीएम मोदी ने उन्हें एक ऐसे कलाकार के रूप में याद किया, जिन्होंने अभिनय को सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा।
X पर पोस्ट कर पीएम मोदी ने जताया गहरा दुख
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बहुत कम अभिनेताओं में नाना पाटेकर जैसी तीव्रता, व्यक्तित्व और प्रभावशाली उपस्थिति देखने को मिली। उन्होंने हर भूमिका में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और रचनात्मकता का परिचय दिया।
हिंदी और मराठी सिनेमा में योगदान को किया याद
पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा को महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने ऐसे यादगार किरदार निभाए, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। प्रधानमंत्री ने उनके बेबाक विचारों का भी उल्लेख किया और कहा कि वह अपने विश्वासों को खुलकर व्यक्त करने से कभी पीछे नहीं हटे।
गोवा स्थित आवास पर नाना पाटेकर का निधन
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें तबीयत खराब महसूस होने के बाद मदद की जरूरत पड़ी। उन्हें पणजी के पास डोना पाउला स्थित आवास से निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की।
45 मिनट तक CPR के बाद भी नहीं बच सकी जान
अस्पताल से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, नाना पाटेकर को करीब 45 मिनट तक CPR दिया गया, लेकिन उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। सुबह करीब 5:10 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत के सही कारण की पुष्टि के लिए शव को गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है।
पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगा मौत का सही कारण
चिकित्सकों के अनुसार मामले में मेडिको-लीगल प्रक्रिया दर्ज की गई है और पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बताया गया कि अभिनेता ने तड़के अपने एक दोस्त को तबीयत खराब होने का संदेश भेजा था। बाद में दोस्त उनके आवास पर पहुंचे और एम्बुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
फिल्मों और पुरस्कारों में नाना पाटेकर की बड़ी पहचान
नाना पाटेकर ने ‘परिंदा’, ‘प्रहार: द फाइनल एक्ट’, ‘तिरंगा’, ‘क्रांतिवीर’ और ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय किया। उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर और महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समेत कई सम्मान मिले। उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। उनके निधन से हिंदी और मराठी सिनेमा में शोक की लहर है।
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