Gyanesh Kumar Security : विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों के बढ़ते विरोध के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने उनके मौजूदा Z+ सुरक्षा कवर में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। उनके दिल्ली स्थित आवास, निर्वाचन आयोग मुख्यालय और व्यक्तिगत सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
CEC के आवास के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
सुरक्षा बढ़ाने का फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब प्रदर्शनकारी दिल्ली और आगरा में ज्ञानेश कुमार के आवास के आसपास प्रदर्शन कर चुके हैं। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने मौजूदा हालात और संभावित खतरे का आकलन करने के बाद अतिरिक्त जवानों की तैनाती की। दिल्ली में उनके आवास के आसपास पुलिस पिकेट और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी भी बढ़ाई गई है।
Z+ कवर में 55 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था
दिल्ली पुलिस से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, ज्ञानेश कुमार को पहले से ही Z+ सुरक्षा प्राप्त है। इस सुरक्षा व्यवस्था में 55 से अधिक सुरक्षाकर्मी शामिल हो सकते हैं, जिनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और दिल्ली पुलिस के जवान शामिल हैं। इसके अलावा चौबीसों घंटे व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी, क्लोज प्रोटेक्शन टीम और अन्य सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं।
निर्वाचन आयोग मुख्यालय पर भी बढ़ाई गई निगरानी
CEC की सुरक्षा के साथ-साथ नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन की सुरक्षा भी मजबूत की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, CISF ने आयोग परिसर के अंदर अपनी तैनाती बढ़ाई है। वहीं परिसर के बाहर दिल्ली पुलिस, CRPF और Rapid Action Force के जवानों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए आयोग परिसर की सुरक्षा को बहुस्तरीय बनाया गया है।
दिल्ली में 221 CAPF कंपनियों की तैनाती
विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की बड़ी तैनाती की गई है। गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए 221 CAPF कंपनियां उपलब्ध कराई हैं। इनकी संख्या करीब 23 हजार जवान बताई गई है। यह तैनाती राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित बड़े प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए की गई है।
जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और बंगाल से आईं कंपनियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतिरिक्त सुरक्षा बलों में CRPF की कंपनियां जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी बुलाई गई हैं। इनमें कुछ बल पहले अमरनाथ यात्रा, पश्चिम बंगाल में चुनावी ड्यूटी और छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात थे। दिल्ली में अतिरिक्त केंद्रीय बलों की यह तैनाती मौजूदा विरोध प्रदर्शनों की गंभीरता को दर्शाती है।
INDIA ब्लॉक लगातार मांग रहा CEC का इस्तीफा
SIR को लेकर INDIA ब्लॉक और विपक्षी दलों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि निर्वाचन आयोग SIR को मतदाता सूची को व्यवस्थित और अपडेट करने की प्रक्रिया बताता है।
संसद से निर्वाचन आयोग तक मार्च और प्रदर्शन
पिछले दिनों INDIA ब्लॉक के नेताओं और सांसदों ने केंद्रीय दिल्ली में मार्च निकालने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों का लक्ष्य निर्वाचन आयोग तक पहुंचना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर धरना और हिरासत की स्थिति बनी। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट
CEC के खिलाफ विरोध अब 10 अक्टूबर को प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन की ओर बढ़ रहा है। CJP और छात्र संगठनों समेत कई समूहों ने जंतर-मंतर पर जुटने का आह्वान किया है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और निर्वाचन आयोग के आसपास सुरक्षा और बैरिकेडिंग को भी मजबूत किया गया है।
SIR विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक और सुरक्षा चुनौती
एक तरफ विपक्ष SIR को लेकर निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ आयोग अपनी प्रक्रिया का बचाव कर रहा है। इसी राजनीतिक टकराव के बीच CEC की सुरक्षा बढ़ाना और राजधानी में हजारों अतिरिक्त जवानों की तैनाती सुरक्षा एजेंसियों की चिंता को दिखाती है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन और तेज होने की संभावना के बीच दिल्ली पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी।
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