Paddy Procurement 2026 : छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तारीख निर्धारित कर दी है। प्रदेश में इस बार धान की खरीदी 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक चलेगी। पहले धान खरीदी की प्रक्रिया 31 जनवरी तक जारी रहती थी, लेकिन इस बार सरकार ने इसकी अवधि घटाकर 15 जनवरी तक कर दी है। ऐसे में किसानों को निर्धारित समय के भीतर अपनी उपज बेचने की तैयारी करनी होगी।

10 नवंबर से तुंहर टोकन एप पर मिलेगी सुविधा
धान बेचने के लिए किसानों को टोकन जारी करने की प्रक्रिया 10 नवंबर से शुरू होगी। किसान घर बैठे मोबाइल फोन के जरिए ‘तुंहर टोकन’ एप पर ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समितियों और खरीदी केंद्रों में टोकन लेने के लिए लंबी कतारों से बचाना है। किसान अपनी सुविधा और उपलब्धता के अनुसार एप के माध्यम से धान विक्रय की तारीख और मात्रा के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे।

2 से 5 नवंबर तक खरीदी केंद्रों में होगा ट्रायल
धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रदेश की खरीदी समितियों में 2 नवंबर से 5 नवंबर तक ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान खरीदी केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं, तकनीकी प्रक्रिया और टोकन प्रणाली की जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली तकनीकी या व्यवस्थागत कमियों को दूर करने की तैयारी की जाएगी, ताकि किसानों को उपज बेचते समय अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
तुंहर टोकन एप से 24 घंटे ऑनलाइन मिलेगा टोकन
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा संचालित ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इसके माध्यम से किसान 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकते हैं। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी किसानों को घर बैठे टोकन लेने की सुविधा दी जा रही है। इससे किसानों का समय और श्रम बचेगा तथा खरीदी केंद्रों में भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।
जमीन के रकबे के हिसाब से तय होंगे टोकन
धान बेचने के लिए किसानों को उनकी जोत के अनुसार टोकन दिए जाएंगे। दो एकड़ तक जमीन वाले लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम एक टोकन मिलेगा। दो एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक रकबा रखने वाले किसानों को अधिकतम दो टोकन मिल सकेंगे। वहीं, 10 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों को अधिकतम तीन टोकन प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी। इस व्यवस्था के तहत किसानों को अपनी पात्रता के अनुसार धान बेचने के लिए अलग-अलग टोकन मिलेंगे।

टोकन में किसान खुद दर्ज कर सकेंगे धान की मात्रा
इस वर्ष भी किसानों को टोकन लेते समय धान की मात्रा दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। किसान अपनी आवश्यकता और उपलब्ध उपज के अनुसार टोकन में मात्रा भर सकेंगे। यदि कोई किसान एक टोकन पर अपनी पूरी पात्र मात्रा का धान नहीं बेच पाता है, तो उसकी बची हुई पात्रता समाप्त नहीं होगी। वह शेष धान दूसरे या तीसरे टोकन के माध्यम से बेच सकेगा। इससे किसानों को अपनी उपज अलग-अलग चरणों में बेचने का विकल्प मिलेगा।
किसानों को सोसायटियों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
सरकार की ऑनलाइन टोकन व्यवस्था का उद्देश्य धान खरीदी को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाना है। किसानों को टोकन के लिए बार-बार समितियों में जाने की जरूरत कम होगी। अब किसान अपनी सुविधा के अनुसार घर बैठे टोकन लेकर निर्धारित तारीख पर खरीदी केंद्र पहुंच सकेंगे। हालांकि, किसानों को खरीदी की अंतिम तारीख 15 जनवरी 2027 को ध्यान में रखते हुए समय पर धान विक्रय की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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