Pragya Thakur claim : मालेगांव विस्फोट मामले में पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने एक बड़ा और विवादित दावा किया है। उन्होंने कहा कि जाँचकर्ताओं ने उन पर दबाव डाला था कि वे इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई आरएसएस नेताओं का नाम लें। प्रज्ञा ने इस दबाव को ठुकरा दिया और किसी का नाम नहीं लिया।

प्रज्ञा ने कांग्रेस सरकार पर लगाया आरोप
प्रज्ञा ठाकुर ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जब वे इस मामले में फंसी थीं, तब राम माधव सहित कई बड़े नेताओं का नाम उनके जुबान से निकलवाने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि फेफड़ों की बीमारी के बावजूद उन्हें अवैध हिरासत में रखा गया था। प्रज्ञा का कहना था कि वे गुजरात की रहने वाली होने के कारण उन पर खास तौर पर मोदी का नाम लेने का दबाव था, लेकिन वे झूठ नहीं बोल सकीं।

आरएसएस के शीर्ष नेताओं को फंसाने की साजिश का आरोप
प्रज्ञा ठाकुर ने दावा किया कि केवल मोदी और योगी ही नहीं, बल्कि आरएसएस के चार शीर्ष नेताओं को फंसाने की कोशिश की गई थी। इसमें आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार का भी नाम शामिल था। उनका कहना था कि यह साजिश मामले को भगवा आतंकवाद के रूप में प्रस्तुत करने के लिए रची गई थी।
पूर्व एटीएस अधिकारी महबूब मुजवार के समान दावे
प्रज्ञा ठाकुर के आरोपों की पुष्टि पूर्व आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के सदस्य महबूब मुजवार ने भी की है। उन्होंने कहा था कि जांच दल के वरिष्ठ अधिकारी उनसे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को गिरफ्तार करने को कह चुके थे, लेकिन उन्होंने इस पर सहमति नहीं जताई। मुजवार ने यह भी कहा कि इस मामले को भगवा आतंकवाद के रूप में दिखाने की कोशिश की गई।
मालेगांव विस्फोट की पृष्ठभूमि
29 सितंबर 2008 की रात महाराष्ट्र के मालेगांव में एक विस्फोट हुआ था, जिसमें छह लोग मारे गए और सौ से अधिक घायल हुए। जांच में पाया गया कि मस्जिद के पास कब्रिस्तान में बम लगी मोटरसाइकिल रखी गई थी, जो विस्फोट का कारण बनी। जांच में सामने आया कि यह मोटरसाइकिल पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर के नाम पर पंजीकृत थी। इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
एनआईए की अदालत ने पांच आरोपियों को बरी किया
हाल ही में, एनआईए की विशेष अदालत ने इस मामले में प्रज्ञा ठाकुर समेत पांच आरोपियों को बरी कर दिया। इस फैसले के बाद प्रज्ञा ने फिर से कांग्रेस सरकार पर हमले तेज कर दिए। उन्होंने कहा कि सच सामने आ गया है और इस मामले में उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे।
मालेगांव विस्फोट मामला अब भी राजनीतिक और सामाजिक विवादों के केंद्र में बना हुआ है। प्रज्ञा ठाकुर के आरोपों ने एक बार फिर इस केस की जांच प्रक्रिया और उससे जुड़े राजनीतिक दबावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगामी समय में इस मामले की गहराई से जांच और राजनीति दोनों में और हलचल की उम्मीद है।
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