Congress In Controversy: कांग्रेस नेता और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के दौरे पर हैं, लेकिन इसी बीच कांग्रेस पार्टी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। बीते एक साल में वायनाड में कांग्रेस से जुड़े दो नेताओं की आत्महत्या और एक प्रयास ने पार्टी की आंतरिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ता विजयन और बेटे की आत्महत्या
वायनाड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व जिला कांग्रेस समिति (DCC) के कोषाध्यक्ष एन.एम. विजयन (78) और उनके बेटे ने 2024 में जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार का आरोप है कि दोनों ने पार्टी कार्यों के लिए भारी कर्ज लिया था, जिसकी भरपाई न होने के चलते उन्होंने ये कदम उठाया। कांग्रेस ने उस वक्त परिवार को आर्थिक सहायता देने का वादा किया था।

हालांकि अब तक सहायता न मिलने पर विजयन की बहू पद्मजा ने भी आत्महत्या का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “पार्टी ने कहा था कि सभी देनदारियों को चुकाया जाएगा, लेकिन अभी तक 2 करोड़ रुपये में से केवल 20 लाख का ही भुगतान हुआ है।”
जोस नेल्लेदम की आत्महत्या से बढ़ा विवाद
हाल ही में वायनाड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मुल्लनकोली पंचायत सदस्य जोस नेल्लेदम ने भी आत्महत्या कर ली। उनका शव उनके घर के पास एक तालाब से मिला। पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने पार्टी के भीतर से मिली प्रताड़ना का जिक्र किया है।
नेल्लेदम ने एक वीडियो में दावा किया कि उन्होंने कांग्रेस नेता कनट्टुमलायिल धन्यवादन के खिलाफ पुलिस को सूचना दी थी, जिनके घर से शराब और विस्फोटक मिले थे। बाद में जांच में धन्यवादन को निर्दोष पाया गया, लेकिन पार्टी के कुछ नेताओं ने नेल्लेदम को ही दोषी ठहराया।
कांग्रेस की सफाई और विपक्ष का हमला
वायनाड जिला कांग्रेस अध्यक्ष एन.डी. अप्पाचन ने कहा कि पार्टी परिवारों के संपर्क में है और मामले की जांच के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आत्महत्या नोट को सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
वहीं, सीपीएम ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया है। राज्य के मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने कहा, “कांग्रेस अब माफिया पार्टी बन चुकी है। आत्महत्याएं, झूठे आरोप, हिंसा—यह कांग्रेस की आज की पहचान बन चुकी है।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के अंदर चल रही कलह अब सामाजिक समस्या बन चुकी है।
प्रियंका गांधी का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आत्महत्या के मामलों ने पार्टी की छवि पर गहरा असर डाला है। स्थानीय नेतृत्व पर विश्वास की कमी, वादों को पूरा न करना और आंतरिक विवाद अब कांग्रेस के लिए राजनीतिक संकट का कारण बनते जा रहे हैं।
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