Puri Rath Yatra 2026 : ओडिशा के पुरी में 16 जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक रथ यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और बहुस्तरीय इंतजाम किए हैं। इस साल लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए ओडिशा पुलिस ने थल, जल और वायु—तीनों मोर्चों पर निगरानी की विस्तृत योजना तैयार की है। रथ यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए सुरक्षा का मुख्य केंद्र भीड़ नियंत्रण, कुशल यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली पर रखा गया है। ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई. बी. खुरानिया की अध्यक्षता में हाल ही में हुई समन्वय बैठक में इस सुरक्षा रणनीति को अंतिम रूप दिया गया है।

हवाई, समुद्री और थल मार्ग पर कड़ी निगरानी
हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुरी के आकाश में ड्रोन और एंटी-ड्रोन प्रणालियों की तैनाती की जाएगी। वहीं, समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल और ओडिशा पुलिस के समुद्री थानों की संयुक्त गश्त टीम को सौंपी गई है। संभावित खतरों को देखते हुए समुद्र में तैनात जहाजों पर ‘क्विक रिस्पांस टीम’ (QRT) को भी मुस्तैद रखा जाएगा। जमीनी सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और एनएसजी (NSG) के विशेष दस्तों को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों (K-9 स्क्वाड) को हर समय अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।

भगदड़ को रोकने के लिए विशेष प्रबंध
भीड़ को नियंत्रित करने और भगदड़ जैसी किसी भी आपात स्थिति को रोकने के लिए पुलिस ने विशेष सुरक्षा खाका खींचा है। इसमें शहर के प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग, सुव्यवस्थित वाहन पार्किंग, और श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन के लिए विशेष गलियारे बनाने की योजना शामिल है। डीजीपी ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर त्वरित समाधान तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में विशेष सामरिक इकाइयों (STU) और एनएसजी प्रशिक्षित एसओजी (SOG) टीमों की मौजूदगी रहेगी।

आपराधिक तत्वों पर रहेगी पुलिस की पैनी नजर
रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए डीजीपी ने अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर दिया है। चलती ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय रहने वाले जेबकतरों और लुटेरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाएगा। चिह्नित अपराधियों की तस्वीरें प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, रेलवे स्टेशनों और थानों के बाहर चस्पा की जाएंगी ताकि उन पर नजर रखी जा सके। पुलिस ने इन तस्वीरों को आरपीएफ के साथ भी साझा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, पुरी शहर के सभी थानों को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले होटलों, मठों, धर्मशालाओं, बस स्टैंडों और श्रमिकों के ठहरने वाले स्थानों की गहन जांच करने को कहा गया है।
12,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती
इस नौ दिवसीय भव्य आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था में करीब 12,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। यह विशाल बल न केवल भीड़ प्रबंधन करेगा, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखेगा। डीजीपी खुरानिया ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी निष्ठा और समन्वय के साथ काम करें ताकि श्रद्धालु बिना किसी डर या बाधा के भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सकें। प्रशासन का प्रयास है कि पिछले वर्षों के अनुभव से सीख लेते हुए इस बार की रथ यात्रा को त्रुटिरहित और सुरक्षित संपन्न कराया जाए।












