Putin News: रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध का अंत फिलहाल दूर नजर आ रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है और शांति वार्ता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक अहम सवाल का जवाब दिया है कि आखिर रूस यूक्रेन के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को सीधे निशाना बनाने से क्यों बच रहा है। पुतिन के बयान ने इस रणनीति के पीछे रूस की सोच को सामने रखा है।
पुतिन ने बताया नेतृत्व पर हमला न करने का कारण
बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस जानबूझकर यूक्रेन के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व पर हमला करने से बच रहा है। उनके मुताबिक इसकी एक बड़ी वजह भविष्य में होने वाली संभावित बातचीत है। यदि कीव शांति वार्ता के लिए तैयार होता है, तो रूस को बातचीत के लिए यूक्रेन की ओर से ऐसे लोगों की जरूरत होगी, जो इस प्रक्रिया में भूमिका निभा सकें।
बातचीत के लिए यूक्रेनी प्रतिनिधियों की जरूरत
पुतिन ने कहा कि किसी भी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कुछ लोगों की आवश्यकता होती है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि यूक्रेन शांतिपूर्ण तरीके से विवाद सुलझाने के लिए तैयार होता है, तो बातचीत के रास्ते खुले रह सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस यूक्रेनी अधिकारियों की उन कार्रवाइयों का जवाब देगा, जिन्हें मॉस्को आतंकवादी कार्रवाई के तौर पर देखता है।
नए लोगों को बातचीत में शामिल करने पर रूस तैयार
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यदि नए लोग शांति प्रक्रिया में ठोस योगदान देने की क्षमता रखते हैं, तो रूस बातचीत का दायरा बढ़ाने के लिए तैयार है। उनके अनुसार फिलहाल शांति प्रक्रिया काफी हद तक ठहरी हुई है। पुतिन ने यह भी संकेत दिया कि रूस ऐसी प्रक्रिया नहीं चाहता, जो केवल औपचारिक रूप से आगे बढ़ती रहे लेकिन उसका कोई वास्तविक परिणाम न निकले।
भरोसेमंद लोगों के साथ काम करने की बात
पुतिन ने कहा कि रूस उन लोगों के साथ काम करने में अधिक सहज महसूस करता है, जिन्हें वह पहले से जानता है और जिन पर भरोसा करता है। इसी संदर्भ में उन्होंने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकोफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर का उल्लेख किया। पुतिन ने दोनों को ईमानदार बताया और कहा कि वे शांति प्रक्रिया को ठोस रूप देने के लिए प्रतिबद्ध नजर आते हैं।
पुतिन बोले- सिर्फ युद्ध रोकना नहीं, खत्म करना है
यूक्रेन संघर्ष को रोकने के कजाख राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोकायेव के जुलाई में दिए गए प्रस्ताव पर भी पुतिन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रूस निश्चित रूप से युद्ध को समाप्त करना चाहता है, लेकिन उसका उद्देश्य केवल लड़ाई को कुछ समय के लिए रोकना नहीं है।
यूक्रेन और यूरोप में स्थायी शांति की इच्छा
पुतिन ने कहा कि रूस यूक्रेन और यूरोप में स्थायी और पूर्ण शांति चाहता है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि मॉस्को केवल अस्थायी युद्धविराम के बजाय ऐसे समाधान की तलाश में है, जिससे संघर्ष का स्थायी अंत हो सके। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में रूस और यूक्रेन के बीच मतभेद बने हुए हैं और शांति वार्ता को आगे बढ़ाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है।
शांति वार्ता को लेकर आगे क्या होगा?
रूस की ओर से लगातार युद्ध समाप्त करने और बातचीत की बात कही जा रही है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच भरोसे की कमी और गंभीर मतभेद अभी भी बाधा बने हुए हैं। पुतिन के ताजा बयान से यह स्पष्ट है कि रूस यूक्रेनी नेतृत्व के साथ संभावित भविष्य की बातचीत के विकल्प को खुला रखना चाहता है। अब निगाह इस बात पर होगी कि कीव और उसके सहयोगी इन संकेतों पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं और क्या आने वाले समय में शांति वार्ता फिर से गति पकड़ पाती है।
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