Rahul Gandhi on Amit Shah:
Rahul Gandhi on Amit Shah: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए हालिया भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संसद परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि गृह मंत्री शाह ने उनके द्वारा उठाए गए किसी भी सवाल का न तो सीधा उत्तर दिया और न ही अपनी बातों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत पेश किया। राहुल गांधी ने दावा किया कि संसद के पटल पर अमित शाह का व्यवहार यह दर्शाता था कि वह मानसिक दबाव में हैं और अत्यंत घबराए हुए लग रहे थे।
राहुल गांधी ने अमित शाह के संसदीय व्यवहार पर सीधे तौर पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि गृह मंत्री का आचरण सामान्य नहीं था। उन्होंने कहा, “संसद में अमित शाह ने गलत भाषा का इस्तेमाल किया, और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके हाथ कांप रहे थे। यह सब पूरे सदन ने अपनी आँखों से देखा है।” कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि गृह मंत्री का यह असामान्य व्यवहार उनके आंतरिक तनाव और दबाव का स्पष्ट संकेत था। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्होंने सदन में अमित शाह को खुली चुनौती दी थी कि वे आएं और उनके द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दों पर आमने-सामने चर्चा करें, लेकिन उनके अनुसार, अमित शाह ने इस सीधी चुनौती का कोई जवाब नहीं दिया, जो उनकी घबराहट को और भी पुष्ट करता है।
गृह मंत्री पर व्यक्तिगत आरोप लगाने के अलावा, राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी गंभीर और व्यापक हमला किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मंगलवार (9 दिसंबर 2025) को यह बड़ा दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक ‘प्रोजेक्ट’ के तहत देश की विभिन्न संस्थाओं और यहाँ तक कि निर्वाचन आयोग (Election Commission) पर भी कब्जा कर रहा है। लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा में भाग लेते हुए, उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली चयन समिति में भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) को शामिल न करने पर सवाल उठाया।
राहुल गांधी ने इस दिशा में एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने दिसंबर 2023 में एक ऐसा कानून बदल दिया, जिसके माध्यम से किसी भी चुनाव आयुक्त को उनके द्वारा लिए गए फैसलों के लिए दंडित नहीं किया जा सकेगा। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री ने देश के संस्थागत ढाँचे को कमजोर करने वाला ऐसा कार्य नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर देश में वोट का महत्व ही खत्म हो जाएगा, तो लोकसभा, विधानसभा या पंचायत जैसे लोकतांत्रिक निकायों का कोई अस्तित्व नहीं रह जाएगा।
राहुल गांधी ने अपने हमले को जारी रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके वैचारिक संरक्षक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद, इन संगठनों के ‘प्रोजेक्ट’ का अगला चरण भारत के संस्थागत ढांचे पर व्यवस्थित रूप से कब्जा करना और उसे नष्ट करना था। राहुल गांधी के अनुसार, यह प्रयास आज भी जारी है, जिसके तहत लोकतंत्र की रक्षा करने वाली संस्थाओं की स्वायत्तता और अखंडता को कमजोर किया जा रहा है। उनके इन बयानों ने संसद के अंदर और बाहर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है, जहाँ विपक्ष सरकार पर संस्थागत स्वतंत्रता को छीनने का आरोप लगा रहा है।
Iran-US War: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
Elon Musk AI Prediction: दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार और स्पेसएक्स (SpaceX) के…
Maa Chandraghanta Puja Vidhi: आज चैत्र नवरात्रि 2026 का तीसरा दिन है, जो पूरी तरह…
Surguja ACB Action: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक चौंकाने वाला मामला…
UPSC CMS 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर…
UPTET 2026 : उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की राह देख रहे लाखों बेरोजगार…
This website uses cookies.