SIR Controversy India : देश की राजनीति में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक मंच पर बहस करने की चुनौती दी है। इस बार उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री को भ्रमित करने के बजाय SIR के मुद्दे पर खुली बहस के लिए तैयार करना चाहिए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि बहस के लिए मंच और समय प्रधानमंत्री की पसंद के अनुसार तय किया जा सकता है।
अमित शाह को राहुल गांधी का सीधा संदेश
राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती दी। उन्होंने लिखा, “अमित शाह जी, मोदी जी को कन्फ्यूज मत कीजिए। बस उन्हें मुझसे खुली बहस के लिए मना लीजिए। कोई भी मंच, कभी भी।” अपनी पोस्ट के साथ उन्होंने ‘डरो मत’ का संदेश भी दिया। राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच संभावित बहस को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

SIR पर अमित शाह के दो बयानों को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट के साथ एक वीडियो भी साझा किया है। इस वीडियो में अमित शाह के संसद में दिए गए दो अलग-अलग बयानों को दिखाकर उनके बीच अंतर बताने की कोशिश की गई है। वीडियो के अनुसार, दिसंबर 2025 में संसद में गृह मंत्री ने कहा था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर संसद के दोनों सदनों में बहस नहीं हो सकती।

इसके विपरीत, गुरुवार को अमित शाह ने कहा कि सरकार SIR के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है। राहुल गांधी ने इन्हीं दोनों बयानों को आधार बनाकर गृह मंत्री पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता का आरोप है कि इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है। हालांकि, दोनों बयानों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
पीएम मोदी को पहले भी कई बार चुनौती दे चुके हैं राहुल
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमने-सामने बहस करने की चुनौती दी है। इससे पहले बुधवार को भी उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री किसी न्यूज चैनल पर बहस के लिए आ सकते हैं। उन्होंने यहां तक कहा था कि बहस का मंच और जज चुनने का अधिकार भी प्रधानमंत्री को दिया जा सकता है।

राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह केवल पांच मिनट की बहस में प्रधानमंत्री को लेकर अपने आरोप साबित कर देंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ ‘देशद्रोही’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए राजनीतिक आरोप लगाए थे। यह राहुल गांधी का राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विदेशी संपर्कों के आरोपों पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी इससे पहले प्रधानमंत्री को विपक्ष के खिलाफ लगाए जा रहे देशविरोधी आरोपों पर भी खुली बहस की चुनौती दे चुके हैं। उन्होंने विदेशी संपर्कों से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए सवाल किया था कि प्रधानमंत्री ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं किया। कांग्रेस नेता लगातार इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे ने भी पीएम मोदी से मांगा जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी वोट चोरी के आरोपों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांग चुके हैं। उनका कहना है कि देश प्रधानमंत्री से इन सवालों पर स्पष्टीकरण चाहता है। कांग्रेस लगातार SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है।
बीजेपी ने राहुल गांधी की चुनौती पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी की बहस की चुनौती को लेकर पलटवार किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि संसद पहले से ही बहस और चर्चा के लिए उपलब्ध मंच है। उन्होंने राहुल गांधी को याद दिलाया कि वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी तथा पद की गंभीरता समझनी चाहिए। ऐसे में SIR पर राजनीतिक टकराव के बीच राहुल गांधी की चुनौती और बीजेपी के जवाब ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है।

