Rahul Gandhi News: फर्जी मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और चुनाव आयोग (ECI) के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। जहां चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को पुराने और निपटाए जा चुके मामलों को लेकर भ्रामक बयान देने पर फटकार लगाई, वहीं राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ डिजिटल अभियान छेड़ दिया है और चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग की है।

राहुल गांधी ने रविवार, 10 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “वोट चोरी, ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए साफ-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है।”

उन्होंने इसके साथ वेबसाइट www.votechori.in और मिस्ड कॉल नंबर 9650003420 साझा किया, जिससे जनता इस अभियान से जुड़ सके।
पारदर्शिता की मांग
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग से डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करने की मांग की है ताकि आम नागरिक और राजनीतिक दल उसका स्वतंत्र ऑडिट कर सकें। राहुल गांधी ने कहा, “यह सिर्फ कांग्रेस की नहीं, लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है।”
चुनाव आयोग की कड़ी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उन्होंने जिन मामलों का जिक्र किया है, उनमें 2018 में ही कार्रवाई हो चुकी है। आयोग ने राहुल गांधी से शपथ पत्र और स्पष्ट घोषणा मांगी है। साथ ही चेताया कि यदि वे अपने आरोपों को प्रमाणित नहीं कर पाए, तो उन्हें झूठे और भ्रामक बयान देने के लिए देश से सार्वजनिक माफी मांगनी होगी।
“जिम्मेदार बयान दें”
चुनाव आयोग ने बयान में कहा, “लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और साख बनाए रखने के लिए नेताओं को केवल तथ्यों और सबूतों के आधार पर बयान देने चाहिए।”
2029 चुनाव की आहट, गर्माया माहौल
राहुल गांधी का यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब देश 2029 के आम चुनावों की तैयारी के दौर में प्रवेश कर रहा है। कांग्रेस के इस आक्रामक रुख को पार्टी की रणनीतिक परिवर्तन और चुनावी मोर्चे पर सक्रियता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी का यह डिजिटल अभियान जनता के बीच प्रभाव डालता है या फिर इसे राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर ही देखा जाएगा।
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