Rahul Gandhi Birthday: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन बेहद अनोखे और चर्चा में रहने वाले अंदाज में मनाया। काशी के प्रसिद्ध घाटों पर एकत्र हुए युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा और समर्थन व्यक्त करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान वाराणसी के घाटों पर एक पोस्टर चर्चा का केंद्र बन गया, जिसमें राहुल गांधी को पौराणिक स्वरूप में भगवान परशुराम के रूप में चित्रित किया गया था। इस पोस्टर में राहुल गांधी को एक हाथ में ‘फरसा’ और दूसरे हाथ में ‘संविधान’ की प्रति लिए हुए दिखाया गया है, जो उनके समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
मंत्रोच्चार के बीच गंगाजल और दूध से राहुल के पोस्टर का अभिषेक
जन्मदिन के जश्न के दौरान कार्यकर्ता केवल केक काटने या बधाई देने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने एक धार्मिक अनुष्ठान जैसा वातावरण तैयार किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कार्यकर्ता मंत्रोच्चार के बीच राहुल गांधी के उस विशेष पोस्टर पर गंगाजल और दूध अर्पित कर रहे हैं। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस अनूठे प्रदर्शन के जरिए वे एक विशेष संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। उनका मानना है कि राहुल गांधी ने जिस प्रकार से संविधान की रक्षा और समाज में न्याय की लड़ाई लड़ी है, वह उन्हें एक आधुनिक युग के योद्धा के रूप में स्थापित करता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं पैदा कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी सहित देश भर के नेताओं ने दी बधाई
राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। राजनीति की मुख्यधारा से इतर, इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक ट्वीट के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी को उनके जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूँ।” प्रधानमंत्री के अलावा देश के कई वरिष्ठ नेताओं और राजनीतिक हस्तियों ने भी राहुल गांधी को उनके जन्मदिन पर अपनी ओर से हार्दिक बधाई दी है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी ‘भगवान परशुराम’ वाली छवि
राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में पेश करने की यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए विमर्श को जन्म दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के चित्रण का उपयोग करके कांग्रेस अपने वैचारिक आधार को मजबूत करने और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ जुड़ने का प्रयास कर रही है। एक हाथ में फरसा और दूसरे में संविधान की किताब का संयोजन, कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी की छवि को ‘न्याय के रक्षक’ और ‘संविधान के संरक्षक’ के रूप में गढ़ने की कोशिश को दर्शाता है। हालांकि, भारतीय राजनीति में इस तरह के प्रतीकात्मक प्रदर्शन अक्सर चर्चा और बहस का कारण बनते हैं, लेकिन वाराणसी के घाटों पर हुआ यह आयोजन राहुल गांधी के प्रति कार्यकर्ताओं के गहरे उत्साह और भक्तिपूर्ण समर्थन की पराकाष्ठा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
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