Rajasthan Dowry Case : दहेज की लालच ने एक और जिंदगी छीन ली। जोधपुर के डांगियावास थाना क्षेत्र के सरनाडा गांव में एक शिक्षिका विवाहिता संजू बिश्नोई ने दहेज प्रताड़ना से तंग आकर अपनी 4 वर्षीय बेटी यशस्वी के साथ खुद को आग के हवाले कर दिया। इस हृदयविदारक घटना में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संजू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

सुसाइड नोट में ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें संजू बिश्नोई ने अपने पति दिलीप बिश्नोई, सास, ससुर, ननद और एक अन्य व्यक्ति गणपत सिंह पर लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट के अनुसार, संजू को शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।

स्कूल से लौटकर बेटी संग दी जान
संजू बिश्नोई पेशे से एक सरकारी स्कूल में अध्यापिका थीं। शुक्रवार को स्कूल से लौटने के बाद उन्होंने अपने घर में बेटी के साथ खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। घटना के समय घर में कोई नहीं था। पास के ग्रामीणों ने घर से धुआं उठता देखा और शोर मचाया, जिसके बाद ससुराल वाले मौके पर पहुंचे।
इलाज के दौरान मां की मौत, एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। जहां बच्ची यशस्वी को मृत घोषित कर दिया गया, वहीं गंभीर रूप से झुलसी संजू ने शनिवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद मां-बेटी के शव मायके पक्ष को सौंप दिए गए। गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मायकेवालों की शिकायत पर पुलिस ने पति दिलीप बिश्नोई, सास, ससुर, ननद और गणपत सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस जांच में जुटी है। गणपत सिंह की भूमिका को लेकर भी पूछताछ की जा रही है।
दहेज प्रथा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज की भयावह सच्चाई को उजागर किया है। एक शिक्षित महिला, जो समाज को सशक्त बनाने में लगी थी, जब खुद को और अपनी बेटी को मौत के हवाले करने पर मजबूर हो जाए, तो यह एक चिंताजनक सामाजिक संदेश है।
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