Rajya Sabha by-elections 2025: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा उपचुनाव 2025 के लिए जम्मू-कश्मीर की चार खाली सीटों में से तीन सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची घोषित कर दी है। पार्टी ने गुलाम मोहम्मद मीर, राकेश महाजन और सतपाल शर्मा को चुनावी मैदान में उतारा है। ये उपचुनाव जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने और पुनर्गठन अधिनियम 2019 लागू होने के बाद पहली बार हो रहे हैं। मतदान 24 अक्टूबर को आयोजित होगा।

उपचुनाव का महत्व और पृष्ठभूमि
राज्यसभा की चार सीटें गुलाम नबी आजाद, मीर मोहम्मद फयाज, शमशेर सिंह और नजीर अहमद लावे के सेवानिवृत्त होने के कारण खाली हुई थीं। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने 24 सितंबर 2025 को उपचुनाव की अधिसूचना जारी की थी। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के 90 सदस्य 24 अक्टूबर को मतदान करेंगे। जिन उम्मीदवारों को 46 या उससे अधिक वोट मिलेंगे, वे राज्यसभा में निर्वाचित होंगे।

उपचुनाव के लिए नामांकन 3 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर निर्धारित है। इस चुनाव में भाजपा के अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और कांग्रेस गठबंधन की भी टक्कर होगी।
BJP और विपक्षी दलों के उम्मीदवार
BJP ने अपने तीन उम्मीदवार घोषित किए हैं:
-
गुलाम मोहम्मद मीर
-
राकेश महाजन
-
सतपाल शर्मा
वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ने तीन सीटों के लिए चौधरी मुहम्मद रज्जान, सज्जाद अहमद किचलू और शम्मी ओबेरॉय को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने गठबंधन के तहत एक सीट हासिल की है, लेकिन अभी तक उसने अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
कहा जा रहा है कि फारूक अब्दुल्ला इस बार राज्यसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि उनकी सेहत ठीक नहीं है।
राज्यसभा उपचुनाव की प्रक्रिया
राज्यसभा की सीटें हर दो साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर होने के कारण खाली होती हैं, जिनके लिए द्विवार्षिक उपचुनाव होते हैं। ये चुनाव विधायकों द्वारा गुप्त मतदान के जरिए होते हैं। हाल ही में असम और तमिलनाडु में भी राज्यसभा के लिए उपचुनाव हुए हैं, जिनमें BJP, AGP, AIADMK, DMK और MNM के उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं।
जम्मू-कश्मीर उपचुनाव का राजनीतिक असर
यह उपचुनाव राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह जम्मू-कश्मीर की पहली राज्यसभा उपचुनाव है, जो 2019 के पुनर्गठन अधिनियम के बाद हो रही है। इस चुनाव से केंद्र की सरकार की लोकप्रिया स्थिति का भी अंदाजा लगाया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में राजनीतिक समीकरणों और गठबंधन की मजबूती पर भी यह चुनाव असर डालेगा।
संक्षिप्त जानकारी
-
मतदान तिथि: 24 अक्टूबर 2025
-
नामांकन प्रक्रिया: 3 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक
-
कुल खाली सीटें: 4 (3 के लिए BJP और NC-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार मैदान में)
-
मतदाता: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के 90 सदस्य
-
बहुमत: 46 वोट या उससे अधिक
राज्यसभा उपचुनाव 2025 में भाजपा ने जम्मू-कश्मीर की तीन महत्वपूर्ण सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर राजनीतिक मजबूती दिखाने की कोशिश की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन भी चुनाव में चुनौतीपूर्ण मुकाबले के लिए तैयार है। 24 अक्टूबर को होने वाले मतदान के नतीजे जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे।
Read More :Kerala Poverty Free: केरल ने गरीबी को किया समाप्त, दक्षिण एशिया का पहला राज्य बना ‘गरीबी मुक्त’










