Kerala Poverty Free: केरल एक बार फिर देश के लिए रोल मॉडल बनने जा रहा है। राज्य ने अत्यंत गरीबी को समाप्त कर देश और दक्षिण एशिया में इस उपलब्धि को हासिल करने वाला पहला प्रदेश बनने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। केरल सरकार ने गरीबी उन्मूलन के लिए अब तक 73 हजार से अधिक माइक्रो प्लान बनाए हैं, जिससे हजारों परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है।

गरीबी से जूझ रहे लाखों परिवारों को जीवनदान
केरल के कोट्टायम जिले की 63 वर्षीय स्वर्णम्मा का उदाहरण इस बदलाव की मिसाल है। वर्षों से किराए के मकान में रहने वाली स्वर्णम्मा को जिला प्रशासन की ओर से 10 लाख रुपए दिए गए ताकि वे अपना खुद का घर बना सकें और आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। उन्होंने 6 लाख रुपये में 3 सेंट जमीन खरीदी और अब नया घर बन रहा है। स्वर्णम्मा जैसे केरल में कुल 64 हजार परिवारों के 1.03 लाख लोग अत्यंत गरीबी की जंजीरों से मुक्त हुए हैं।

गरीबी की परिभाषा को किया व्यापक
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र की आय के आधार पर अत्यंत गरीबों की परिभाषा को केरल ने और भी व्यापक बनाया है। 158.10 रुपये प्रतिदिन से कम आय वाले व्यक्तियों के अलावा राज्य ने भोजन, स्वास्थ्य, आवास और आय को ‘मानवीय गरिमा’ के पैमाने पर रखा। इस व्यापक दृष्टिकोण से गरीबी की पहचान और समाधान दोनों को अधिक प्रभावी बनाया गया।
सख्त निगरानी और सामाजिक भागीदारी की मिसाल
2021 में शुरू हुए इस अभियान में 1300 सर्वेयरों की टीम ने 14 जिलों में जाकर 1,03,099 अत्यंत गरीब लोगों की पहचान की। इनमें 81% लोग ग्रामीण क्षेत्रों से थे, 68% अकेले जीवन यापन कर रहे थे, जबकि 24% को स्वास्थ्य संबंधी, 21% को भोजन और 15% को आवास की कमी थी।इस प्रक्रिया में ग्राम सभाएं, फोकस ग्रुप डिस्कशन, मोबाइल एप आधारित साक्षात्कार और स्थानीय समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। सामाजिक ऑडिट के साथ प्रत्येक पैसों और मदद का पूरा लेखा-जोखा रखा गया।
73 हजार माइक्रो प्लान से मिली मदद
केरल सरकार ने अब तक 73,000 माइक्रो प्लान बनाए हैं। कोट्टायम जिले से इस पहल की शुरुआत हुई, जहां 978 माइक्रो प्लान तैयार किए गए। इसके तहत 4394 परिवारों को आय का साधन मिला, 29,427 को दवाएं दी गईं, 4829 को मेडिकल सहायता, 424 को हेल्थकेयर उपकरण, 5354 के घरों का सुधार किया गया। साथ ही, 3913 परिवारों को नए घर और 1338 को जमीन दी गई। 743 परिवारों को किराए के मकानों में शिफ्ट किया गया।
केरल का मॉडल देश के लिए उदाहरण
केरल का यह मॉडल न केवल भारत बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए प्रेरणा स्रोत बन रहा है। यहां गरीबी उन्मूलन के लिए सरकार और सामाजिक संगठनों की भागीदारी, सख्त निगरानी और तकनीक के उपयोग से अत्यंत गरीबी को समाप्त करने की दिशा में अद्भुत सफलता मिली है।
आधिकारिक तौर पर केरल की यह उपलब्धि 1 नवंबर को घोषित की जाएगी, लेकिन पहले ही राज्य ने गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। यह कहानी उन लाखों परिवारों की है, जिनका जीवन बेहतर और सम्मानजनक हुआ है।केरल ने गरीबी उन्मूलन के लिए जो कदम उठाए हैं, वे देश के अन्य राज्यों के लिए मिसाल हैं। सख्त निगरानी, सामाजिक भागीदारी और माइक्रो प्लान के जरिए केरल ने ‘अत्यंत गरीबी’ को समाप्त कर एक नई दिशा दी है। इस सफलता को पूरे देश में अपनाने की जरूरत है।











