Sanjay Azad Medical Test : नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर संजय आजाद के साथ कथित मारपीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। स्वतंत्र भारद्वाज पर संजय को पीटने का दावा करने वाला एक वीडियो सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और संसद मार्ग थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
मामले में सामने आए वीडियो को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद संजय आजाद पर हमला करने की बात कही थी। वीडियो में किए गए दावों के बाद CJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस से स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि घटना के बाद राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें पुलिस कार्रवाई से बचाया गया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की जांच पुलिस द्वारा की जानी बाकी है।
FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
दिल्ली पुलिस ने मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए दर्ज FIR में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण कानून की संबंधित धाराएं जोड़ दी हैं। इससे पहले पुलिस ने बताया था कि संजय कुमार की शिकायत के आधार पर संसद मार्ग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था।
दोबारा मेडिकल जांच कराएगी दिल्ली पुलिस
अब पुलिस की जांच में अगला महत्वपूर्ण कदम संजय आजाद की दोबारा मेडिकल जांच है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद यह तय किया जाएगा कि मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जानी चाहिए या नहीं। चोटों की गंभीरता और चिकित्सकीय रिपोर्ट को आगे की कानूनी कार्रवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
थाने पहुंचे चंद्रशेखर आजाद समेत कई नेता
मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, CJP के को-कन्वीनर सौरव दास और आशुतोष रांका समेत कई कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने पहुंचे। उनके साथ निशू आजाद और उनके पिता संजय आजाद भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग की।
निशू आजाद ने लगाया धमकियां मिलने का आरोप
संजय आजाद की बेटी निशू आजाद ने आरोप लगाया कि घटना के बाद से उन्हें लगातार गालियां दी जा रही हैं और रेप की धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने पुलिस में FIR भी दर्ज कराई है। निशू ने बताया कि घटना के बाद वह कई दिनों तक स्कूल नहीं जा सकीं। दोबारा स्कूल जाने पर उन्हें लोगों के जज करने का डर महसूस होता है।
परिवार की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
निशू आजाद ने कहा कि उन्हें और उनके परिवार को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपियों से जुड़े लोग उनके परिवार पर हमला कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने जान से मारने की धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया। निशू ने पुलिस से मांग की कि धमकी देने वालों और मामले में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
चंद्रशेखर आजाद ने 72 घंटे का भरोसा बताया
संसद मार्ग थाने के बाहर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पीड़ित परिवार लगातार भय के माहौल में रह रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय आजाद और उनकी बेटी को बलात्कार, तेजाब डालने और हत्या जैसी धमकियां दी जा रही हैं। चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने उन्हें 72 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया है।
पप्पू यादव ने भी पुलिस कार्रवाई की मांग की
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि पुलिस ने उन्हें भी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों को डराकर उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकती। पप्पू यादव ने घटना को बेटी और दलित विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि दबाव की राजनीति के बावजूद पीड़ितों की आवाज उठती रहेगी।
मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ दी हैं और आगे की कार्रवाई के लिए मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। दोबारा मेडिकल जांच के बाद संजय आजाद की चोटों की गंभीरता स्पष्ट होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराएं जोड़ने पर निर्णय लिया जाएगा। पीड़ित परिवार और प्रदर्शनकारियों को पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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