Sanjay Roy RG Kar case: आरजी कर में एक युवा डॉक्टर के साथ हुए भयानक बलात्कार और हत्या के मामले के दोषी संजय रॉय की जेल में जिंदगी में धीरे-धीरे बदलाव नजर आ रहे हैं। हालांकि, उस जघन्य अपराध के लिए संजय ने कभी भी कोई पछतावा नहीं जताया है। शनिवार को इस घटना को एक साल पूरा हो गया। इस मामले में अदालत ने संजय रॉय को मौत की सजा की मांग को खारिज करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। फिलहाल वह प्रेसीडेंसी सुधार गृह में बंद है।

जेल में बदला व्यवहार
जेल सूत्रों के अनुसार, संजय का पूर्व में हिंसक और आक्रामक व्यवहार अब काफी हद तक शांत और संयमित हो गया है। जेल का माहौल और समय उसे थोड़ा नरम करने में सहायक साबित हुआ है। दूसरे कैदी अब उससे बातचीत करते हैं, साथ मिलकर खाना खाते हैं और कैरम खेलते भी नजर आते हैं। वह अब टीवी देखने जैसा मनोरंजन भी करता है।

शुरुआती दौर में संजय का मिजाज काफी चिड़चिड़ा और रूखा था। वह कैदियों और जेल के कर्मचारियों से बात करने से भी कतराता था और अक्सर उनका अपमान करता था। लेकिन अब उसका व्यवहार सुधर रहा है। वह जेल कर्मियों की बात मानने लगा है और सहयोग करता है।
परिवार से दूरी
परिवार के प्रति उसका संबंध अब भी कड़वा है। शनिवार को राखी पूर्णिमा थी, जब जेल में कैदियों की बहनें और बेटियाँ आकर राखी बांधती हैं। लेकिन संजय की दो बहनों में से कोई भी उसे राखी बांधने जेल नहीं आया। जेल सूत्रों का कहना है कि जेल आने के बाद से उसके परिवार का कोई भी सदस्य उससे मिलने नहीं गया है।
दोषी संजय का वर्तमान जीवन
संजय का रोजाना का काम जेल के बगीचे की देखभाल करना है। वह हर सुबह बगीचे में जाकर कुछ घंटे काम करता है। उसकी यह दिनचर्या अब उसकी जेल जीवन का हिस्सा बन गई है।
घटना और गिरफ्तारी
9 अगस्त 2024 को जी.आई.सी.आर. सेमिनार हॉल में हुई इस कुख्यात घटना ने पूरे राज्य और देश में सनसनी मचा दी थी। घटना के 24 घंटे के भीतर कोलकाता पुलिस ने संजय को गिरफ्तार किया था। बाद में सीबीआई ने जांच की और जनवरी में अदालत ने उसे दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
संजय रॉय की जेल जिंदगी में जरूर कुछ बदलाव आए हैं, लेकिन उसके अपराध के प्रति पश्चाताप का अभाव चिंता का विषय है। परिवार से दूरी और अपराध की गंभीरता को समझने में उसकी कमी इस बात को दर्शाती है कि अपराध की मानसिकता से पूरी तरह बाहर आना कितना चुनौतीपूर्ण होता है।
Read More : Akhilesh Yadav statement: EC ने डाली वोटों पर डकैती, अयोध्या का नाम लेकर भड़के अखिलेश यादव










