Chhattisgarh monsoon: छत्तीसगढ़ में मानसून की स्थिति अब भी अनिश्चित बनी हुई है। पिछले 36 घंटों में कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई है, जिसमें कोरिया के सोनहत क्षेत्र में भारी बारिश (70 मिमी) का रिकॉर्ड बना है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।

यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने रविवार को बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा, मुंगेली, कोरिया, सूरजपुर समेत 11 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में स्थानीय तौर पर तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।

बारिश सामान्य से काफी कम
हालांकि मानसून की शुरुआत से अब तक 1 जून से 9 अगस्त के बीच बारिश हुई है, लेकिन इस बार बारिश सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम दर्ज हुई है। 1 से 9 अगस्त के बीच प्रदेश में 119.8 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, परंतु अब तक केवल 42.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
तापमान का हाल
राजनांदगांव इस समय छत्तीसगढ़ का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा स्थान है, जहां न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री दर्ज हुआ है।
आगामी मौसम की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार, 13 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य भाग में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस दबाव क्षेत्र के बनने से प्रदेश में बारिश के और भी अवसर बन सकते हैं।
बारिश का आंकड़ा
1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों में हुई औसत बारिश इस प्रकार है: बलरामपुर में सबसे अधिक 1101.1 मिमी बारिश हुई है। बेमेतरा में सबसे कम 331.4 मिमी बारिश दर्ज हुई। रायपुर संभाग के रायपुर जिले में 595.7 मिमी, बलौदाबाजार में 557.6 मिमी, गरियाबंद में 537.0 मिमी बारिश हुई। महासमुंद में 543.2 मिमी और धमतरी में 520.1 मिमी बारिश हुई।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 689.9 मिमी, मुंगेली में 689.1 मिमी, रायगढ़ में 807.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 875.1 मिमी, कोरबा में 723.5 मिमी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 647.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 597.5 मिमी और सक्ती में 735.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता कम होने के कारण बारिश में कमी आई है, लेकिन आगामी दिनों में बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन और विभाग लगातार मौसम की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके।
Read More : Sanjay Roy RG Kar case: आरजी कर मामले के दोषी संजय रॉय की जेल में जिंदगी में बदलाव, पर पछतावा अब भी नहीं










