Avimukteshwaranand: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को शिवहर में गौ रक्षा को लेकर बड़ा बयान देते हुए देश की राजनीति में नई हलचल मचा दी। उन्होंने स्पष्ट कहा, “हम उसके साथ हैं जो गौ माता की रक्षा करेगा, चाहे वह कोई भी दल या संगठन क्यों न हो। अगर AIMIM भी गौ रक्षा की बात करेगी, तो हम AIMIM के साथ हैं।”

गौ माता किसी धर्म या पार्टी की नहीं
शंकराचार्य ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि गौ माता किसी एक जाति, धर्म या पार्टी की नहीं हैं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जो लोग हिंदू और हिंदुत्व के नाम पर वोट मांगते हैं, वे अपने घोषणा पत्र में गौ रक्षा को स्थान क्यों नहीं देते? क्या गौ माता का मुद्दा सिर्फ मंचों और नारों तक सीमित रह गया है?”

“गौ की बात करेगा, वही साथी”
शंकराचार्य ने दो टूक कहा कि उनकी निष्ठा न किसी दल विशेष से है, न ही किसी विचारधारा से, बल्कि केवल सनातन धर्म और गौ माता से है। उन्होंने यह भी जोड़ा, “गौ माता हमारी संस्कृति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण की रीढ़ हैं। जो भी दल या संगठन गौ रक्षा की बात करेगा, वह हमारा सहयोगी होगा।”
‘नगर माता’ के फैसले की सराहना
इस मौके पर उन्होंने शिवहर नगर परिषद द्वारा गौ माता को ‘नगर माता’ का दर्जा देने के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है जो देश के अन्य नगर निकायों को प्रेरणा देगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गौ रक्षा केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि कर्म और नीति से होनी चाहिए।
बिहार चुनाव में उतरने का एलान
इससे पहले पटना में शंकराचार्य ने घोषणा की थी कि वे बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे। उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवारों के नामांकन के बाद ही उनकी सूची सार्वजनिक की जाएगी। यह घोषणा बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना को जन्म देती है।शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का यह बयान न केवल गौ रक्षा के मुद्दे को चुनावी विमर्श में फिर से केंद्र में लाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर अब पारंपरिक राजनीतिक सीमाएं टूट रही हैं। अब देखना यह होगा कि राजनीतिक दल इस मुद्दे पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।
Read More : Jaipur SMS Hospital: जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भीषण आग, ICU में 8 मरीजों की दर्दनाक मौत











