SL vs BAN : हर्षिता समरविक्रमा की नाबाद 48 रन की शानदार और जुझारू पारी के दम पर श्रीलंका ने बांग्लादेश को 4 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। बांग्लादेश ने श्रीलंका के सामने 115 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे श्रीलंकाई टीम ने 4 गेंद शेष रहते 6 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। एक समय श्रीलंका की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन हर्षिता ने धैर्य बनाए रखते हुए टीम को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकाला।
44 रन पर गंवा दिए थे पांच विकेट
115 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम 10वें ओवर में महज 44 रन के स्कोर पर अपने 5 विकेट गंवा चुकी थी। लगातार विकेट गिरने के कारण बांग्लादेश मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करता नजर आ रहा था। हालांकि, इसके बाद हर्षिता समरविक्रमा और नीलाक्षिका सिल्वा ने पारी को संभाला और टीम की जीत की उम्मीदों को जिंदा रखा।
नीलाक्षिका के साथ अहम साझेदारी
हर्षिता और नीलाक्षिका ने छठे विकेट के लिए 38 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने पांच ओवर के दौरान चार चौके लगाए और श्रीलंका को धीरे-धीरे लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाया। जब टीम का स्कोर 82 रन पहुंचा, तब नीलाक्षिका सिल्वा 23 गेंदों में 18 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बावजूद हर्षिता क्रीज पर डटी रहीं और जीत के लिए संघर्ष जारी रखा।
आखिरी तीन ओवर में बदला पूरा मैच
एक समय श्रीलंका को अंतिम तीन ओवरों में जीत के लिए 39 रन की जरूरत थी। उस समय बांग्लादेश मुकाबले में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा था। लेकिन हर्षिता समरविक्रमा ने शानदार आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पलट दिया। उन्होंने रितु मोनी के ओवर में एक चौका और एक छक्का लगाकर कुल 16 रन बटोरे और श्रीलंका को जीत के करीब पहुंचा दिया।
हर्षिता ने लगाए निर्णायक छक्के
इसके बाद हर्षिता ने नाहिदा अख्तर की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार छक्का जड़ा। इस शॉट ने श्रीलंका की जीत लगभग तय कर दी। दबाव के बावजूद हर्षिता ने संयम नहीं खोया और लगातार रन बनाती रहीं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने बांग्लादेश के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा दिया और श्रीलंका की जीत की राह आसान कर दी।
कौशानी ने दिया हर्षिता का साथ
सातवें विकेट के लिए हर्षिता समरविक्रमा और विकेटकीपर बल्लेबाज कौशानी नुथयांग्ना ने 18 गेंदों में 33 रन की तेज साझेदारी की। दोनों ने तेजी से रन जुटाते हुए श्रीलंका को लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचाया। कौशानी ने 9 गेंदों में 11 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि हर्षिता 48 रन बनाकर अंत तक क्रीज पर डटी रहीं। दोनों की साझेदारी ने श्रीलंका को 4 गेंद पहले जीत दिला दी।
श्रीलंका की शुरुआत रही बेहद खराब
लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले के दौरान टीम ने अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों को खो दिया। बांग्लादेश की गेंदबाज मारूफा अख्तर ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को परेशान किया। पावरप्ले खत्म होने तक श्रीलंका ने 29 रन के स्कोर पर 3 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद भी टीम ने संघर्ष जारी रखा और अंत में मुकाबला अपने नाम कर लिया।
बांग्लादेश ने बनाए थे 114 रन
इससे पहले श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। बांग्लादेश ने निर्धारित पारी में 8 विकेट गंवाकर 114 रन बनाए। उसकी ओर से शोभाना मोस्त्री ने 34 रन और दिलारा अख्तर ने 26 रन की उपयोगी पारियां खेलीं। इन पारियों की बदौलत बांग्लादेश सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा।
श्रीलंकाई गेंदबाजों ने रोके रन
श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में चामुंडी प्रबोदा सबसे सफल रहीं। उन्होंने तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। वहीं, सुगंदिका कुमारी ने दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने बांग्लादेश को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया, जिसका फायदा बाद में हर्षिता की शानदार बल्लेबाजी के जरिए टीम को मिला।
सेमीफाइनल में पहुंचा श्रीलंका
इस रोमांचक जीत के साथ श्रीलंका ने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम की जीत में हर्षिता समरविक्रमा की नाबाद 48 रन की पारी सबसे अहम रही। मुश्किल समय में उन्होंने जिस तरह दबाव का सामना करते हुए आक्रामक बल्लेबाजी की, उसने मुकाबले का पूरा रुख बदल दिया। बांग्लादेश के खिलाफ यह जीत श्रीलंका के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।
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