Delhi Building Collapse : दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को लड़कों के पीजी के लिए इस्तेमाल की जा रही कई दशक पुरानी पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद दिल्ली पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल को राजस्थान के भिवाड़ी से हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, वह हादसे के बाद से फरार चल रहे थे। इससे पहले उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इमारत की हालत खराब होने के बावजूद वहां पीजी और हॉस्टल जैसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थीं।
MCD के पांच अधिकारियों पर गिरी गाज
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार समेत पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। अधिकारियों का निलंबन अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने तक प्रभावी रहेगा। इस कदम से साफ है कि प्रशासन हादसे में संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने में जुट गया है।
चार इंजीनियर भी किए गए निलंबित
सस्पेंड किए गए अधिकारियों में साउथ जोन के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) आशीष कुमार शामिल हैं। PTI को मिले आदेश की कॉपी के मुताबिक, इन सभी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई है।
विजिलेंस विभाग ने जारी किए सस्पेंशन आदेश
निलंबन से संबंधित आदेश दिल्ली नगर निगम के विजिलेंस विभाग ने जारी किए। यह कार्रवाई DMC सर्विस (कंट्रोल एंड अपील) रेगुलेशन, 1959 के तहत की गई है। आदेशों में कहा गया है कि अधिकारियों को रेगुलेशन 5(2) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। हालांकि, निलंबन अवधि के दौरान वे नियमों के मुताबिक गुजारा भत्ता पाने के हकदार होंगे।
कमिश्नर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
अधिकारियों के निलंबन के आदेश दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर के निर्देशों के बाद जारी किए गए। इन आदेशों पर डिप्टी लॉ ऑफिसर (विजिलेंस) नंद किशोर के हस्ताक्षर हैं। MCD की इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि इमारत की स्थिति को लेकर संबंधित विभागों की ओर से पहले कोई निरीक्षण या कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
दूसरे दिन भी जारी रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
सत्य निकेतन में हादसे के दूसरे दिन भी राहत और बचाव अभियान जारी रहा। अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार तक कुल 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका था। राहत दल मलबे को हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। हादसे के बाद घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
मालिक समेत अन्य लोगों पर FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। केस में गैर-इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़े आरोप शामिल किए गए हैं। पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों, इमारत की संरचनात्मक स्थिति और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
जांच में तय होगी जिम्मेदारी
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे ने दिल्ली में पुरानी इमारतों और पीजी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस की जांच और MCD की अनुशासनात्मक कार्रवाई के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के पीछे असली वजह क्या थी और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई। जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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