Sri Lanka PM in India: श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या 16 से 18 अक्टूबर 2025 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी। यह उनके प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद भारत की पहली यात्रा है। डॉ. अमरसूर्या की यह यात्रा भारत-श्रीलंका के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री अमरसूर्या दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ताओं और रणनीतिक बैठकों में हिस्सा लेंगी। वह नीति आयोग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली का दौरा करेंगी, जहां शिक्षा, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की जाएगी।

दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज की पूर्व छात्रा
दिलचस्प बात यह है कि डॉ. अमरसूर्या दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने 1991 से 1994 के बीच समाजशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की थी। यात्रा के दौरान वे अपने पुराने शिक्षण संस्थान का दौरा करेंगी और एक विशेष पूर्व छात्र संघ कार्यक्रम में भी भाग लेंगी। इससे शिक्षा और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती मिलने की संभावना है।
व्यापारिक संबंधों को नई दिशा
डॉ. अमरसूर्या एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक सम्मेलन में भी शामिल होंगी, जिसका उद्देश्य भारत-श्रीलंका के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। इसमें दोनों देशों के उद्योगपतियों और व्यापार प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। यह कार्यक्रम द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।
साझा इतिहास और भविष्य की साझेदारी
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री अमरसूर्या ने भारत के साथ अपने संबंधों को “गहरे और महत्वपूर्ण” बताया। उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद मेरी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा भारत हो रही है। हम दोनों देश साझा इतिहास, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़े हुए हैं। मैं इस यात्रा के माध्यम से व्यापार, शिक्षा, निवेश और विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और सशक्त करने को उत्सुक हूं।”
महिला नेतृत्व का प्रतीक
डॉ. अमरसूर्या श्रीलंका की तीसरी महिला प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने सितंबर 2024 में पदभार ग्रहण किया था और 24 वर्षों बाद देश को एक महिला प्रधानमंत्री मिली है। वह न केवल देश का नेतृत्व कर रही हैं, बल्कि न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान और तकनीक जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।
भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के अनुरूप
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों को सशक्त करने वाला बताया है। मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत की ‘महासागर’ विजन और ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत भारत-श्रीलंका मित्रता को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या की भारत यात्रा सिर्फ राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को भी नई दिशा देगी। एक पूर्व छात्रा के रूप में उनके दिल्ली लौटने का यह ऐतिहासिक अवसर भारत-श्रीलंका संबंधों को और गहराई प्रदान करेगा।
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