Sukma News : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में मदर टेरेसा ज्योति कॉन्वेंट स्कूल से जुड़ा एक मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, नवरात्र के दौरान दीक्षा माला और लाल वस्त्र पहनकर विद्यालय पहुंचीं शिक्षिका लक्ष्मी प्रसना को स्कूल में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इस घटना से आहत होकर शिक्षिका ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। मामला सामने आने के बाद स्थानीय हिंदू संगठनों और समाज के लोगों ने विद्यालय पहुंचकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक आस्था के सम्मान और शिक्षिका के साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल उठाए।
धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं को लेकर जताई नाराजगी
विद्यालय में प्रवेश रोके जाने की घटना को लेकर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि स्कूल में बड़ी संख्या में हिंदू बच्चे पढ़ते हैं, इसलिए धार्मिक प्रतीकों और परंपराओं के प्रति सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने शिक्षिका के धार्मिक पहनावे को लेकर सामने आई घटना पर आपत्ति जताते हुए विद्यालय प्रबंधन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। हालांकि, प्रवेश रोकने के पीछे प्रबंधन की ओर से बताए गए कारणों का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
विद्यालय परिसर में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं लगाने की मांग
विरोध के दौरान हिंदू संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों ने विद्यालय परिसर में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग रखी। इसके अलावा बसंत पंचमी के अवसर पर अवकाश और विद्यालय में लागू नियमों को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर विद्यालय प्रबंधन को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। इस घटनाक्रम के बाद स्कूल में धार्मिक परंपराओं, संस्थागत नियमों और विद्यार्थियों के सांस्कृतिक वातावरण को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
शिक्षा और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
मामले की जानकारी मिलने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी एसके दीप और थाना प्रभारी शिवानंद तिवारी विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों तथा विद्यालय प्रबंधन से बातचीत कर विवाद को शांत कराने का प्रयास किया। मौके पर हुई चर्चा के दौरान विद्यालय के प्राचार्य ने गलती स्वीकार की और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत के बाद स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की गई। हालांकि, मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग
घटना से नाराज हिंदू समाज के प्रतिनिधियों ने मामले में उचित कार्रवाई की मांग करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने विद्यालय प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया और धार्मिक आस्था के सम्मान की मांग रखी। इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन के उच्च पदस्थ पादरी के साथ इस विषय पर आगे बैठक किए जाने की बात भी सामने आई है। इस बैठक में विवाद के कारणों और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के उपायों पर चर्चा होने की संभावना है।
शिक्षिका के इस्तीफे के बाद बढ़ी चर्चा
लक्ष्मी प्रसना के इस्तीफे और विद्यालय में हुए विरोध के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर प्रदर्शनकारी धार्मिक आस्था के सम्मान की मांग कर रहे हैं, वहीं घटना से जुड़े तथ्यों और विद्यालय के नियमों को स्पष्ट करना भी जरूरी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्राचार्य ने भविष्य में ऐसी घटना नहीं होने का आश्वासन दिया है। मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है और शिक्षिका के इस्तीफे पर क्या स्थिति बनती है, इस पर नजर बनी हुई है।
Read More : Ambikapur News : बांकी नहर से हटाए गए 23 अतिक्रमण,बड़े मकानों को 24 घंटे का अल्टीमेटम