सुरजपुर में अंधे कत्ल के डबल मर्डर मामले का पुलिस ने खुलासा किया। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने वारदात से जुड़े अहम साक्ष्य और सामान बरामद किया।
सुरजपुर में अंधे कत्ल के डबल मर्डर मामले का पुलिस ने खुलासा किया। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने वारदात से जुड़े अहम साक्ष्य और सामान बरामद किया।

Surajpur Double Murder Case Solved : पैसों की लालच में एक परिचित ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए उजड़ गईं। पहले शिक्षिका रजनी बरेठ की हत्या की गई और फिर वारदात का राज खुलने के डर से उसके बेटे सुजल बरेठ को भी मौत के घाट उतार दिया गया। दोनों हत्याओं के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। सूरजपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पूछताछ के आधार पर दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी प्रवेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को पहले से जानकारी थी कि शिक्षिका रजनी बरेठ करीब 19 लाख रुपये का लोन लेने वाली है। इसी रकम को हासिल करने के लालच में उसने वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 को ग्राम महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद ने जयनगर पुलिस को सूचना दी कि कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास कच्ची सड़क किनारे नाली में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। बाद में मृतक की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई।

शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने मृत्यु को हत्यात्मक बताया। इसके बाद 11 अक्टूबर को थाना जयनगर में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज किया गया।
इसी दौरान मृतक सुजल के मामा अविनाश बरेठ ने विश्रामपुर पुलिस को बताया कि उसकी बहन रजनी बरेठ अपने बेटे के साथ ममता कॉलोनी, केशवनगर में किराये के मकान में रहती थी। रजनी एक शिक्षिका थी। 9 अक्टूबर से उसका मोबाइल बंद आ रहा था। जब पुलिस की मौजूदगी में मकान का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, तो रजनी का शव बाथरूम में पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में थाना विश्रामपुर में अपराध क्रमांक 257/2026 दर्ज किया गया।
दोनों हत्याओं की जांच में सामने आया कि आरोपी प्रवेश कुमार की पत्नी और मृतका रजनी बरेठ एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। इसी परिचय के कारण आरोपी का रजनी के घर आना-जाना था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने मोटर पार्ट्स के कारोबार के लिए करीब 20 लाख रुपये का लोन लिया था और उसे पैसों की जरूरत थी। उसे पहले से जानकारी थी कि रजनी बरेठ भी लगभग 19 लाख रुपये का लोन लेने वाली है और यह रकम उसके बैंक खाते में आने वाली है। पुलिस की जांच के अनुसार, इसी रकम को हासिल करने के लालच में आरोपी ने रजनी की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को आरोपी अपनी कार धुलवाने के बहाने विश्रामपुर के वॉशिंग सेंटर पहुंचा। वहां कार धुलने की बात कहकर वह पैदल रजनी के घर गया। पहले उसने सुजल से मोबाइल चार्जर मांगा और फिर घर से चला गया। कुछ देर बाद वह दोबारा वहां पहुंचा और काफी समय तक रुका रहा।
शाम को सुजल ट्यूशन के लिए घर से निकल गया। इसके बाद आरोपी ने रजनी से पैसों की मांग की। रजनी ने रुपये देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्टील की पानी की बोतल से उसके सिर पर वार किया। रजनी ने मुख्य दरवाजे की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपी उसे खींचकर बाथरूम की ओर ले गया। वहां शैम्पू की बोतल से सिर पर वार करने के बाद पैर से उसका गला दबाकर हत्या कर दी।
वारदात के बाद आरोपी ने घर में बिखरे सामान को व्यवस्थित किया और मृतका का स्टोल लेकर वहां से निकल गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को आशंका थी कि सुजल को घर में उसकी मौजूदगी की जानकारी होने के कारण वह हत्या का राज खोल सकता है। इसी डर से उसने सुजल को भी रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
आरोपी ने कथित तौर पर मुंह पर सफेद गमछा बांधकर और हेलमेट पहनकर रजनी की स्कूटी से घर छोड़ा। नायरा पेट्रोल पंप के आगे स्कूटी खड़ी कर हेलमेट झाड़ियों में फेंक दिया और वापस कार वॉशिंग सेंटर पहुंच गया। इसके बाद वह कार लेकर रजनी के घर जाने वाले तिराहे पर पहुंचा और करीब एक घंटे तक इंतजार किया।
रात करीब 9 बजे सुजल घर लौटा तो आरोपी ने उसे बताया कि उसकी मां उसके घर पर है। इसके बाद वह सुजल को कार में बैठाकर ले गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी उसे कुम्दा होते हुए अंबिकापुर की ओर ले गया और रास्ते में मैगी भी खिलाई।
बाद में राई जंगल के पास बाथरूम जाने के बहाने आरोपी कार से उतरा। पुलिस के मुताबिक, उसने सुजल के गले में स्टोल कस दिया और मुक्कों से वार किए। सुजल भागने लगा तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और सीने पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, सुजल की हत्या के बाद आरोपी ने शव को कार में रखा और उसे ठिकाने लगाने के लिए कई जगह तलाश की। इसके बाद वह कालीघाट की ओर गया, जहां उसने सुजल का शव और चुन्नी फेंक दी। बाद में पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ीं।
वारदात के बाद आरोपी ने मृतक सुजल के दो मोबाइल अपने घर के किचन की दराज में छिपा दिए। वहीं, रजनी का मोबाइल अंबिकापुर स्थित अपने ससुराल में छिपाकर रखा। आरोपी ने घटना में इस्तेमाल कार को भी धुलवाया और कार की उस मैट को जला दिया, जिस पर खून लगा था।

डबल मर्डर की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने जांच की निगरानी की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में विश्रामपुर, जयनगर सहित अन्य थानों की पुलिस और साइबर सेल अंबिकापुर की संयुक्त टीम ने जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान शहर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें मृतका के घर की ओर जाते हुए काली टी-शर्ट पहने और सफेद गमछा ओढ़े एक व्यक्ति दिखाई दिया, जो काफी देर तक वहां रुका था। एक अन्य फुटेज में इसी तरह के कपड़े पहने व्यक्ति को विश्रामपुर के कार वॉशिंग सेंटर पर कार धुलवाते देखा गया। जांच में कार का नंबर सीजी 15 ईजी 7101 सामने आया। पुलिस ने कार मालिक का पता लगाकर संदिग्ध प्रवेश कुमार से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने दोनों हत्याओं में शामिल होना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी के विश्रामपुर स्थित घर से सुजल के दो मोबाइल फोन बरामद किए। इसके बाद अंबिकापुर स्थित उसके ससुराल से रजनी का सिम सहित मोबाइल फोन बरामद किया गया। वहां से मृतका के आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेक, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, एटीएम कार्ड और सोने-चांदी के आभूषण भी मिले।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने राई जंगल से मृतक की एक चप्पल, घटना में इस्तेमाल ग्रैंड विटारा कार, सीमेंट के खंभे का टुकड़ा और रजनी के सिर पर वार करने में इस्तेमाल स्टील की पानी की बोतल जब्त की।पुलिस ने आरोपी प्रवेश उर्फ परवेश कुमार, पिता गुरदित मल, उम्र 36 वर्ष, निवासी राजीव कॉलोनी, कैथल रोड, करनाल (हरियाणा), वर्तमान पता चोपड़ा कॉलोनी, विश्रामपुर को गिरफ्तार कर लिया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विश्रामपुर विकास देशमुख, थाना प्रभारी जयनगर अमित गुप्ता, थाना प्रभारी झिलमिली सरफराज फिरदौसी, एसआई पीयूष चन्द्राकर, पीएसआई पवन झा, कपिल, रंजना, एएसआई अरुण गुप्ता, राकेश यादव, चौकी प्रभारी करंजी विशाल मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र एक्का, रविशंकर पाण्डेय, आनंद सिंह, जयप्रकाश तिवारी, आरक्षक अखिलेश पाण्डेय, अजय प्रताप राव, राजीव गवेल, विकास मिश्रा, रौशन सिंह, युवराज यादव तथा साइबर सेल अंबिकापुर के एएसआई अजित मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान और आरक्षक मनीष सिंह की सक्रिय भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और आरोपी की निशानदेही पर की गई बरामदगी से दोनों हत्याओं की जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली है।

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