Surajpur Crime : सूरजपुर जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम कोट से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 20 वर्षीय युवक, भीम सिंह की संदिग्ध मौत ने न केवल परिवार को गहरा सदमा दिया है, बल्कि इसे लेकर गंभीर विवाद भी खड़ा कर दिया है। मृतक के पिता, जो स्वयं दिव्यांग हैं, ने अपनी ही आँखों देखी व्यथा के आधार पर पुलिस के सामने एक बड़ा खुलासा किया है।

उन्होंने अपनी शिकायत में साफ तौर पर कहा है कि उनके बेटे की मौत कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। उन्होंने सूरजपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक औपचारिक आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की पुरजोर मांग की है।

पिता के गंभीर आरोप: मारपीट कर हत्या को दिया हादसा का रूप
मृतक के पिता अमरसाय ने एसपी को दी गई जानकारी में बताया कि 22 जून की रात उनका बेटा भीम सिंह घर के बाहर मौजूद था। तभी गांव का एक युवक बाइक पर वहां पहुंचा और किसी बात को लेकर भीम सिंह से बहस शुरू कर दी। पिता का आरोप है कि बहस ने जल्दी ही हिंसक रूप ले लिया और उस युवक ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर भीम सिंह की जमकर पिटाई की।
इसके बाद, दोनों आरोपी भीम सिंह को जबरन बाइक पर बैठाकर गांव के ही एक अन्य व्यक्ति के घर ले गए। पिता के मुताबिक, वहां लाठी-डंडों से फिर से उसे बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। आरोप है कि इस हत्याकांड को छुपाने और कानून से बचने के लिए आरोपियों ने भीम सिंह के शव को बिजली के तार से सटा दिया ताकि मौत को ‘करंट लगने से हुई दुर्घटना’ साबित किया जा सके।
पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप, एफआईआर के लिए संघर्ष
दिव्यांग पिता का आरोप है कि इस घटना के तुरंत बाद उन्होंने सूरजपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने ‘पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट’ का बहाना बनाकर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने में टालमटोल की। अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए पिता ने अब एसपी दफ्तर की शरण ली है। उनका कहना है कि पुलिस को आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे डालना चाहिए। उनका मानना है कि पुलिस द्वारा बरती जा रही यह देरी आरोपियों को साक्ष्य मिटाने का मौका दे सकती है।
पुलिस का आधिकारिक रुख: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का है इंतजार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सूरजपुर के एसडीओपी अभिषेक पैकरा ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर लिया है और मामले की सघन जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर भीम सिंह का शव पाया गया, वहां बिजली की ‘झटका मशीन’ (शॉक मशीन) का तार लगा हुआ था, जिससे करंट लगने की आशंका बनी हुई है। पुलिस फिलहाल फॉरेंसिक साक्ष्यों, घटनास्थल के तथ्यों और आने वाली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। एसडीओपी ने आश्वस्त किया है कि यदि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होती है, तो पुलिस तुरंत हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।
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