Surguja Elephant Attack : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में जंगली हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्राम बासेन और चकेरी के आसपास पिछले कई दिनों से 12 हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है। हाथियों की आवाजाही के कारण ग्रामीणों को अपनी जान-माल और फसलों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। रात होते ही गांवों में भय का माहौल बन जाता है और लोग किसी अनहोनी की आशंका से परेशान रहते हैं।

रविवार रात चकेरी गांव में हाथियों ने मचाई तबाही
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार रात करीब 8 बजे हाथियों का दल ग्राम चकेरी में पहुंच गया। इस दौरान हाथियों ने खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया। किसानों की मेहनत से तैयार हुई फसल बर्बाद होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। फसल कटाई के करीब पहुंचने के समय हुई इस घटना ने ग्रामीण परिवारों की आर्थिक परेशानियां भी बढ़ा दी हैं। इसके साथ ही हाथियों ने गांव में एक मवेशी पर हमला कर दिया, जिससे उसकी जान चली गई।

घर के पास बंधी भैंस को हाथियों ने कुचला
घटना में ग्राम चकेरी निवासी जगत राम, पिता सुखदेव, की भैंस की मौत हो गई। बताया गया कि जगत राम ने अपनी भैंस को रोजाना की तरह घर के पास खूंटे से बांध रखा था। रविवार रात अचानक 12 हाथियों का झुंड गांव में पहुंच गया। भैंस बंधी होने के कारण वहां से भाग नहीं सकी। हाथियों ने उसे पैरों तले कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पशुपालक परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
धान की फसल चौपट होने से किसानों की बढ़ी परेशानी
उदयपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों का दल पिछले कई दिनों से सक्रिय बताया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हाथी लगातार खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों के लिए धान की फसल आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में तैयार फसल के बर्बाद होने से उनकी मेहनत और संभावित आमदनी पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों को अब इस बात की चिंता है कि हाथियों का दल आगे किन खेतों और बस्तियों की ओर रुख करेगा।
रातभर जागकर परिवारों की सुरक्षा कर रहे ग्रामीण
हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक, अंधेरा होते ही लोग सतर्क हो जाते हैं और अपने परिवारों की सुरक्षा के लिए रातभर जागने को मजबूर हैं। हाथियों के अचानक गांव में प्रवेश करने और खेतों में पहुंचने की आशंका के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि वन विभाग की निगरानी और समय पर सूचना मिलने से किसी बड़ी जनहानि को रोका जा सकेगा।

वन विभाग ने किया निरीक्षण, मुआवजे की प्रक्रिया शुरू
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वन अधिकारियों ने मृत भैंस का पंचनामा तैयार कराया तथा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई। विभाग के अनुसार, भैंस के मालिक जगत राम को शासन के नियमानुसार राहत दिलाने के लिए मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है। हालांकि, मुआवजे की राशि और भुगतान की निश्चित तारीख की जानकारी सामने नहीं आई है।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल की ओर अकेले नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। हाथियों के आसपास जाने, उन्हें घेरने या परेशान करने से बचने की चेतावनी भी दी गई है। फिलहाल ग्रामीणों की चिंता धान की फसल और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर बनी हुई है। हाथियों के लगातार विचरण के बीच वन विभाग की निगरानी और ग्रामीणों को समय पर सतर्क करना बेहद महत्वपूर्ण है।

