Sushil Kumar bail cancelled : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार की ज़मानत को रद्द करते हुए उन्हें एक सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का सख्त आदेश दिया है। यह फैसला दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में सुनाया गया, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।

हत्या का मामला: क्या है पूरा मामला?
मामला 4 मई 2021 का है, जब दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में एक विवाद के दौरान सुशील कुमार और उनके साथियों पर पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन सागर धनखड़ की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें सागर को बुरी तरह पीटते हुए देखा गया था। गंभीर चोटों की वजह से सागर की मौत हो गई थी।

जांच के दौरान सामने आया कि सुशील ने खुद स्वीकार किया कि उसने सागर को “सबक सिखाने” की योजना बनाई थी। हालांकि, उसका दावा था कि वह उसे मारना नहीं चाहता था। पुलिस ने इस मामले में सुशील को कुछ ही दिनों में गिरफ्तार कर लिया था और अक्टूबर 2022 में उनके खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अपहरण सहित कई धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई थी।
अब तक की कानूनी कार्रवाई
सुशील कुमार ने इस मामले में लगभग साढ़े तीन साल जेल में बिताए, जिसके बाद मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 50,000 रुपये के मुचलके पर ज़मानत दे दी थी। हालांकि, मृतक पहलवान सागर के परिवार और अभियोजन पक्ष ने इस ज़मानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए सुशील की ज़मानत को रद्द कर दिया है।
कोर्ट का रुख: अपराध गंभीर, ज़मानत अनुचित
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यह मामला गंभीर अपराध से जुड़ा है और आरोपी का प्रभावशाली व्यक्तित्व जांच और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी को मिली ज़मानत से गलत संदेश जा सकता है, विशेषकर जब मामला एक उभरते हुए एथलीट की हत्या से जुड़ा हो।
आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सुशील कुमार को एक हफ्ते के भीतर संबंधित प्राधिकरण के सामने आत्मसमर्पण करना होगा। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के बाद सुशील के भविष्य पर एक बार फिर सवालिया निशान लग गया है।










