Suvendu Adhikari Video : राधा अष्टमी के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के बागबाजार स्थित श्री गौड़ीय मठ पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मठ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और श्रद्धा के साथ राधा रानी की पूजा की। इस दौरान मुख्यमंत्री का धार्मिक और भक्तिमय अंदाज देखने को मिला। मठ परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और पूरे वातावरण में भक्ति का माहौल बना रहा।
मुख्यमंत्री ने संतों के साथ धार्मिक कार्यक्रम में लिया हिस्सा
श्री गौड़ीय मठ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मिशन के संतों और पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने धार्मिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और मठ के संतों के साथ बैठक भी की। कार्यक्रम में गौड़ीय मठ के आचार्य एवं अध्यक्ष भक्ति सुंदर संन्यासी महाराज भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने संतों के साथ बातचीत करते हुए मठ की धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व को समझा।
भक्ति संगीत गाते नजर आए मुख्यमंत्री
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भक्ति में लीन नजर आए। उन्होंने वहां भक्ति संगीत भी गाया और श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक माहौल में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के इस अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। राधा अष्टमी के अवसर पर मठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे और विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक आयोजन किए जा रहे थे।
राधा अष्टमी पर राधा रानी की होती है विशेष पूजा
हिंदू धर्म में राधा अष्टमी को महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में पूजा-अर्चना की जाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में राधा अष्टमी के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्रद्धालु इस दिन राधा-कृष्ण की आराधना कर सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक शांति की कामना करते हैं।
सीएम ने बताया गौड़ीय मठ का ऐतिहासिक महत्व
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने श्री गौड़ीय मठ के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थान लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि यह जगह सरस्वती गोस्वामी प्रभु महाराज के सपने को दर्शाती है और इसकी अपनी विशिष्ट पहचान है।
कई प्रमुख हस्तियां कर चुकी हैं गौड़ीय मठ का दौरा
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि गौड़ीय मठ में देश की कई प्रमुख हस्तियां पहले भी आ चुकी हैं। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मदन मोहन मालवीय, शंकर दयाल शर्मा, प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि इन सभी का इस स्थान से जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका भी यहां आना हुआ है।
ग्रेड-I हेरिटेज साइट का दर्जा प्राप्त है मठ
मुख्यमंत्री ने गौड़ीय मठ को महत्वपूर्ण विरासत स्थल बताते हुए कहा कि इसे ‘ग्रेड-I’ का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने इस स्थान के धार्मिक इतिहास और विरासत को महत्वपूर्ण बताया। राधा अष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री का यहां पहुंचना धार्मिक आयोजन के साथ-साथ मठ के ऐतिहासिक महत्व को भी सामने लाता है। पूजा-अर्चना, संतों से मुलाकात और भक्ति संगीत के दौरान मुख्यमंत्री का धार्मिक रूप देखने को मिला।
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