India US Trade Tension:भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और ऊर्जा नीति को लेकर तनाव गहराता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने और भारत की रूसी तेल खरीद को लेकर नाराजगी जताने के बाद, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया है।

“दो महान देश अपने मतभेद सुलझा सकते हैं” — स्कॉट बेसेंट
फॉक्स न्यूज को दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में स्कॉट बेसेंट ने कहा,”अमेरिका और भारत के बीच मजबूत नींव है और यह दो लोकतांत्रिक देश हैं। हम अपने मतभेदों को सुलझा सकते हैं।”बेसेंट का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते और ऊर्जा सहयोग कई सवालों के घेरे में हैं। हालांकि उन्होंने कूटनीतिक लहजे में उम्मीद जताई, लेकिन रूस से भारत की तेल खरीद पर सख्त टिप्पणी भी की।

रूसी तेल खरीद पर अमेरिका की नाराजगी
स्कॉट बेसेंट ने कहा कि भारत द्वारा रूस से लगातार सस्ता तेल खरीदना, फिर उसका परिष्कृत (refined) रूप में वैश्विक बाज़ार में पुनः निर्यात करना, अप्रत्यक्ष रूप से रूस के युद्ध प्रयासों को समर्थन देना है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा:”यह अच्छा कदम नहीं है।”अमेरिकी पक्ष का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां यूक्रेन में चल रहे युद्ध को आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं, जो अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की रणनीतिक नीतियों के खिलाफ है।
टैरिफ बढ़ाने की वजह भी साफ की
बेसेंट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर 25% से बढ़ाकर 50% तक टैरिफ लगाने की वजह भी बताई। उनका कहना था कि“भारत के साथ व्यापार वार्ताएं अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही थीं। ऐसे में टैरिफ बढ़ाना अमेरिका के लिए जरूरी बन गया।”यह कदम भारत को व्यापारिक स्तर पर दबाव में लाने और वार्ता में गति लाने की रणनीति के तहत उठाया गया।
पीएम मोदी की मुलाकातों का भी जिक्र
बेसेंट ने हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से SCO शिखर सम्मेलन में हुई मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा कि“भारत की मूल्य प्रणाली अमेरिका और चीन के ज्यादा करीब है, न कि रूस के।”यह बयान भारत को अमेरिका की रणनीतिक दिशा में बनाए रखने का प्रयास भी माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार और ऊर्जा को लेकर मतभेद भले ही बढ़ रहे हों, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों की लोकतांत्रिक और कूटनीतिक नींव मजबूत है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट का बयान इस बात का संकेत है कि बातचीत और आपसी समझ से इन जटिल मुद्दों को हल किया जा सकता है।
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