US Iran War 2026
US Iran War 2026 : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने आक्रामक बयानों को लेकर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने न केवल ईरान को चेतावनी दी, बल्कि अमेरिकी मीडिया और अपने राजनीतिक विरोधियों पर भी तीखा हमला बोला। ट्रंप ने कुछ अमेरिकी नागरिकों और मीडिया संस्थानों पर आरोप लगाया कि वे ईरान का पक्ष लेकर देश के साथ गद्दारी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो लोग इस समय ईरान के समर्थन में खड़े दिख रहे हैं, वे असल में ‘कायर’ हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में मुख्य रूप से ‘फेक न्यूज’ यानी भ्रामक खबरों को निशाने पर लिया। उनका तर्क है कि अमेरिकी मीडिया का एक वर्ग यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि ईरान सैन्य रूप से अमेरिका को कड़ी टक्कर दे रहा है। ट्रंप के अनुसार, इस तरह का दुष्प्रचार न केवल गलत है, बल्कि राजद्रोह के समान है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें ईरान को एक झूठी उम्मीद देती हैं, जिससे शत्रु देश का मनोबल बढ़ता है। ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जो लोग अमेरिका की शक्ति को कम करके आंक रहे हैं और शत्रुओं को मानसिक बढ़त दिला रहे हैं, वे देश के खिलाफ खड़े कायर लोग हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दौरान ईरान की सैन्य स्थिति पर बेहद चौंकाने वाले और बड़े दावे किए। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना (Navy) अब पूरी तरह से अस्तित्व विहीन हो चुकी है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के पास कभी 159 सैन्य जहाज हुआ करते थे, लेकिन अब वे सभी समुद्र की गहराइयों में समा चुके हैं। केवल नेवी ही नहीं, ट्रंप ने ईरान की वायुसेना (Air Force) को लेकर भी कहा कि उसकी तकनीक और मारक क्षमता को नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान की लीडरशिप और कमांड स्ट्रक्चर अब बिखर चुका है और वह सैन्य रूप से अमेरिका के सामने टिकने की स्थिति में नहीं है।
सैन्य मोर्चे के साथ-साथ ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर भी चोट की। उन्होंने कहा कि ईरान वर्तमान में आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद हो चुका है और उसके पास अपनी व्यवस्था चलाने के संसाधन तक नहीं बचे हैं। ट्रंप ने अपने विरोधियों को ‘मूर्ख’, ‘एहसान फरामोश’ और ‘लूजर’ करार देते हुए कहा कि वे जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर रहे हैं। उनके अनुसार, ईरान की कमर टूट चुकी है, लेकिन अमेरिका के भीतर मौजूद कुछ लोग अभी भी उसे ताकतवर दिखाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया (Middle East) में बारूद की गंध फैली हुई है और वैश्विक शक्तियां शांति की अपील कर रही हैं। ट्रंप के इस आक्रामक रुख ने अमेरिकी राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां उनके समर्थक इसे ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति और मजबूती का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं आलोचक इसे तनाव को और भड़काने वाला कदम बता रहे हैं। पूरी दुनिया अब यह देख रही है कि ट्रंप के इन दावों और कड़े बयानों का ईरान और वैश्विक कूटनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।
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