TS Singhdeo : छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने राज्य में शिक्षकों को आवारा कुत्तों की निगरानी का काम सौंपे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। सिंहदेव ने कहा कि शिक्षकों की मुख्य जिम्मेदारी केवल शिक्षा देने की होनी चाहिए, न कि अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे गलत कदम करार देते हुए मांग की कि इस निर्णय को तुरंत वापस लिया जाए।टीएस सिंहदेव ने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षकों को शैक्षिक कार्य के अलावा किसी और काम में नहीं लगाया जाना चाहिए, सिवाय इसके कि जब विशेष परिस्थितियों में जैसे जनगणना के लिए उन्हें कार्य सौंपा जाए। उन्होंने कहा, “शिक्षकों का मुख्य कार्य बच्चों को पढ़ाना और उनका मार्गदर्शन करना है, और इसी कार्य के लिए उन्हें पूरी जवाबदेही दी जानी चाहिए। अन्य कार्यों का बोझ उन पर डालना गलत है।”
TS Singhdeo: आवारा कुत्तों की निगरानी का फैसला गलत
टीएस सिंहदेव ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों को आवारा कुत्तों की निगरानी का कार्य सौंपे जाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णयों से शिक्षकों के कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है। उनका कहना था कि यदि शिक्षा विभाग के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य सौंपे जाते हैं तो यह उनके प्राथमिक कार्य में रुकावट डालता है।सिंहदेव ने नए श्रम कानून पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 29 मौजूदा श्रम कानूनों के स्थान पर चार नए श्रम कानून लाने का प्रस्ताव मजदूर वर्ग के लिए फायदेमंद हो सकता है। उनका कहना था, “अगर यह कानून लागू होते हैं तो इससे श्रमिकों को निश्चित रूप से लाभ होगा क्योंकि यह उनके अधिकारों को संरक्षित करेगा और उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से सुलझाने का मौका मिलेगा।”
TS Singhdeo: कर्नाटक में कांग्रेस की अंतर्कलह पर प्रतिक्रिया
टीएस सिंहदेव ने कर्नाटक कांग्रेस में चल रही अंतर्कलह पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में प्रजातांत्रिक खुलापन है और यदि पार्टी के अंदर कुछ लोग अपनी बात रखना चाहते हैं तो यह गलत नहीं है। सिंहदेव ने भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) और अन्य पार्टियों की तुलना में कांग्रेस में अधिक सुविधा और आंतरिक संवाद को प्राथमिकता दी। उनका मानना था कि कांग्रेस हाईकमान पार्टी और राज्य के हित में उचित फैसले लेता है, और पार्टी को कर्नाटका के मौजूदा हालात के आधार पर फैसले लेने चाहिए।
बाबरी मस्जिद विवाद पर सिंहदेव का बयान
बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद हुए विवाद पर भी टीएस सिंहदेव ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण अब संभव नहीं है क्योंकि वह अब पूरी तरह से विध्वंसित हो चुका है। इसके बजाय, नए समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में हर धर्म के मानने वालों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखना आवश्यक है, ताकि कोई भी समुदाय भेदभाव का शिकार न हो।
धार्मिक सौहार्द्र की आवश्यकता
टीएस सिंहदेव ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि समाज में हर धर्म के अनुयायियों के लिए समान अधिकार और सुरक्षा का माहौल होना चाहिए। उनका मानना था कि सभी धर्मों के लोग मिलजुल कर शांतिपूर्वक अपना जीवन जी सकते हैं, बशर्ते समाज में भेदभाव और हिंसा की कोई गुंजाइश न हो। इस संदर्भ में उन्होंने भारत के धर्मनिरपेक्ष समाज की सराहना की और इसके आधार पर सभी धार्मिक समुदायों के लिए समान अवसर की आवश्यकता पर जोर दिया।
टीएस सिंहदेव ने अपनी बातों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में कुछ गंभीर मुद्दों को उठाया है। उनका यह कहना कि शिक्षकों को उनके शैक्षिक कार्य से हटकर अन्य कार्यों में नहीं लगाया जाना चाहिए, राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाता है। साथ ही श्रम कानूनों, कर्नाटक कांग्रेस की स्थिति और बाबरी मस्जिद विवाद पर उनके विचार देश के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर प्रासंगिक हैं। इन विचारों से यह साफ होता है कि सिंहदेव हमेशा से ही सुधारात्मक दृष्टिकोण से बात करते रहे हैं और समाज में बेहतर समरसता की जरूरत को महसूस करते हैं।