Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेन ने रूस के कई अहम इलाकों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं। रविवार रात से सोमवार सुबह तक चले इन हमलों में रूस की सैन्य, ऊर्जा और नागरिक बुनियादी संरचनाओं को निशाना बनाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार इन हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। खास बात यह रही कि हमले रूस के अंदरूनी इलाकों तक पहुंचे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया।

रूस का दावा, 365 ड्रोन किए गए निष्क्रिय
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार हमलों के दौरान वायु रक्षा प्रणालियों ने कुल 365 यूक्रेनी ड्रोन को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। मंत्रालय का कहना है कि समय रहते कार्रवाई किए जाने से बड़े स्तर पर नुकसान को टाला जा सका। हालांकि स्वतंत्र रूप से इस संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे इमारतों और अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचा।

रिहायशी इलाकों में भी हुआ नुकसान
ड्रोन हमलों का असर केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा। वोल्गा नदी के बाएं किनारे स्थित एंगेल्स शहर में रिहायशी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक एक अपार्टमेंट भवन पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई। वहीं पास के सारातोव शहर में भी एक अन्य आवासीय परिसर क्षतिग्रस्त हुआ। अधिकारियों ने बताया कि नागरिक इलाकों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत कार्य जारी है।
उदमूर्तिया और बेलगोरोद में भी हताहत
रूस के उदमूर्तिया क्षेत्र, जो यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,300 किलोमीटर दूर स्थित है, वहां भी ड्रोन हमलों की सूचना मिली। स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। इसके अलावा बेलगोरोद क्षेत्र में भी तीन लोगों की जान चली गई और पांच लोग घायल हुए। इन घटनाओं के बाद प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सैन्य अड्डे और तेल रिफाइनरी बने निशाना
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने पुष्टि की कि यूक्रेनी बलों ने एंगेल्स स्थित रूसी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया, जहां लंबी दूरी तक मार करने वाले बमवर्षक विमान तैनात हैं। इसके साथ ही सारातोव की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया गया। जेलेंस्की ने कहा कि यह कार्रवाई रूस की सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई है। उन्होंने यूक्रेनी सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि युद्ध अब उस क्षेत्र तक पहुंच रहा है, जहां से इसकी शुरुआत हुई थी।

हमलों के बाद कई जगह लगी आग
यूक्रेन की ओर से दावा किया गया है कि ड्रोन हमलों के बाद एंगेल्स स्थित सैन्य अड्डे और सारातोव की तेल रिफाइनरी में आग लग गई। इसके अलावा पश्चिमी कालुगा क्षेत्र में स्थित एक ऑयल डिपो को भी निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो में तेल रिफाइनरी में भीषण आग दिखाई देने का दावा किया गया है। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस पर भी किया गया हमला
रिपोर्टों के अनुसार यूक्रेन ने रूस की एक बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी के समारा स्थित लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस पर भी ड्रोन हमला किया। यह वेयरहाउस यूक्रेन की अग्रिम मोर्चे की स्थिति से 800 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है। यूक्रेन का आरोप है कि संबंधित कंपनी रूसी सेना को लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध करा रही है। हालांकि स्थानीय प्रबंधन के मुताबिक इस हमले में कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ और आग पर समय रहते काबू पा लिया गया।
युद्ध में बदलती रणनीति के संकेत
रूस का कहना है कि उसने बड़ी संख्या में यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट कर दिया, लेकिन यूक्रेन के लगातार गहरे हमले यह संकेत दे रहे हैं कि उसकी लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता पहले की तुलना में बढ़ी है। फरवरी 2022 में शुरू हुए युद्ध के बाद यह पहली बार नहीं है जब यूक्रेन ने रूस के अंदरूनी क्षेत्रों को निशाना बनाया हो, लेकिन हाल के हमले बताते हैं कि अब वह सैन्य ठिकानों के साथ-साथ ऊर्जा और लॉजिस्टिक ढांचे पर भी दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। इससे दोनों देशों के बीच संघर्ष और अधिक तीव्र होने की आशंका बनी हुई है।
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