Hormuz Blockade
Hormuz Blockade : मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं की नींद उड़ा दी है। विशेष रूप से भारत जैसे देशों के लिए यह खबर चिंताजनक है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों, जैसे कुकिंग गैस और पेट्रोल-डीजल के लिए काफी हद तक इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर है। यदि यह जलमार्ग बाधित होता है, तो भारत में ईंधन की आपूर्ति का संकट गहरा सकता है और कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आज एक चौंकाने वाला ऐलान किया है, जिसके तहत आज शाम भारतीय समयानुसार साढ़े 7 बजे से होर्मुज स्ट्रेट की पूर्ण नाकेबंदी शुरू कर दी जाएगी। इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन सभी समुद्री जहाजों को रोकना है जो ईरान के बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह नाकेबंदी केवल ईरान से संबंधित व्यापार को बाधित करने के लिए है, जबकि अन्य देशों के बंदरगाहों तक जाने वाले जहाजों को फिलहाल सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आवाजाही की अनुमति दी जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले उन जहाजों की पहचान की जाए जो ईरान को ‘अवैध टोल’ का भुगतान कर रहे हैं। ट्रंप के अनुसार, ईरान को दिया जाने वाला कोई भी टोल गैरकानूनी माना जाएगा और ऐसे जहाजों को न तो आगे बढ़ने दिया जाएगा और न ही वापस लौटने की अनुमति होगी। इस कदम का एक गुप्त उद्देश्य चीनी युआन के बढ़ते वर्चस्व को रोकना भी माना जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को खुली चुनौती दी है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उनका ‘स्मार्ट मैनेजमेंट’ और पूर्ण नियंत्रण है। यदि अमेरिका का कोई भी सैन्य जहाज इस क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो इसे सीजफायर का सीधा उल्लंघन माना जाएगा। ईरान ने धमकी दी है कि वह अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए ट्रंप की भाषा में ही जवाब देने को तैयार है। ईरान का दावा है कि तेल और गैस के जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी नौसेना की जिम्मेदारी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता होर्मुज स्ट्रेट के विवाद के कारण ही विफल हुई है। अब अमेरिकी नौसेना इस रणनीतिक जलमार्ग में बिछी बारूदी सुरंगों (Mines) को साफ करने का अभियान भी शुरू करेगी ताकि क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लिया जा सके। अमेरिका इस कार्रवाई के जरिए चीन को भी कड़ा सबक सिखाना चाहता है, जो इस मार्ग के जरिए युआन में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है।
मौजूदा तनाव को देखते हुए US सेंट्रल कमांड ने सभी समुद्री जहाजों और उनके क्रू मेंबर्स के लिए आधिकारिक एडवाइजरी जारी की है। नाविकों से आग्रह किया गया है कि वे ओमान की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट के पास ‘ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16’ पर अमेरिकी नौसेना के संपर्क में रहें। दुनिया भर के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अगर आज शाम को नाकेबंदी प्रभावी होती है, तो वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मच सकता है, जिससे आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
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