Vastu Tips: आजकल के आधुनिक दौर में हर घर में पुराने कपड़ों का कबाड़ इकट्ठा होना एक बहुत ही सामान्य सी बात बन गई है। बदलते फैशन और वक्त के साथ-साथ कई ऐसे कपड़े हमारी अलमारियों के किसी कोने में दबे रह जाते हैं, जिन्हें हम महीनों या सालों तक हाथ भी नहीं लगाते। न तो हम उन्हें दोबारा कभी पहनते हैं और न ही उन्हें वहां से हटाने या किसी को देने के बारे में गंभीरता से विचार करते हैं।

लेकिन प्राचीन भारतीय विज्ञान यानी वास्तु शास्त्र में साफ तौर पर माना गया है कि घर में मौजूद बेकार और लंबे समय से उपयोग में न आने वाली बेजान वस्तुएं सीधे तौर पर वहां की ऊर्जा को प्रभावित करती हैं। खासकर पुराने, फटे-पुराने कपड़े या जिनकी आपको अब बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, उन्हें लंबे समय तक तिजोरी या अलमारी में संभालकर रखना बेहद अशुभ और दोषपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इन अनुपयोगी कपड़ों का क्या किया जाए? वास्तु शास्त्र में इसके संदर्भ में कुछ बहुत ही आसान और बेहद असरदार उपाय बताए गए हैं।

बहुत पुराने और फटे कपड़े रखने से बढ़ता है मानसिक तनाव
वास्तु विज्ञान की प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, घर के भीतर कोई भी ऐसी चीज जो लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आ रही है, वह धीरे-धीरे अपने आस-पास नकारात्मक ऊर्जा (नेगेटिव एनर्जी) को आकर्षित करने लगती है। फटे, सड़े-गले, बदबूदार या बिना इस्तेमाल के कबाड़ की तरह पड़े रहने वाले कपड़े घर के सकारात्मक माहौल को पूरी तरह से नष्ट कर देते हैं। माना जाता है कि इसकी वजह से परिवार के सदस्यों में मानसिक तनाव, बेवजह का आलस, आपसी मतभेद और बनते हुए कामों में अचानक रुकावट आने जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं। यही मुख्य कारण है कि हिंदू धर्म और वास्तु में समय-समय पर अलमारी, बेड के बॉक्स और पूरे घर की गहन सफाई करते रहने को बेहद जरूरी और समृद्धि दायक माना गया है।
अच्छे और पहनने लायक पुराने कपड़ों का तुरंत करें दान
यदि आपके घर में कुछ ऐसे कपड़े रखे हुए हैं जो आपके लिए तो पुराने या छोटे हो चुके हैं, लेकिन वे कहीं से भी फटे या खराब नहीं हैं, तो उन्हें घर में डंप करने के बजाय किसी जरूरतमंद या गरीब व्यक्ति को दान कर देना सबसे उत्तम उपाय माना जाता है। वास्तु शास्त्र में दान-पुण्य को ग्रहों के दोष दूर करने और सकारात्मकता बढ़ाने वाला काम बताया गया है। अपने पुराने मगर साफ कपड़ों को किसी बेसहारा को देने से न केवल उस व्यक्ति की कड़कड़ाती ठंड या गर्मी में सहायता होती है, बल्कि ऐसा करने से आपके घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का तेजी से संचार होता है। इससे कुंडली के कई दोष भी स्वतः ही शांत हो जाते हैं।
पूरी तरह से फटे और खराब कपड़ों को घर से निकालें बाहर
जो कपड़े पूरी तरह से सड़ चुके हैं, जिनका रंग उड़ गया है, जो जगह-जगह से फट गए हैं या जो अब किसी भी प्रकार से पहनने के लायक नहीं बचे हैं, उन्हें भूलकर भी घर की अलमारी या दीवान के अंदर जमा करके नहीं रखना चाहिए। ऐसे निरर्थक कपड़ों को बिना किसी मोह के तुरंत उचित तरीके से घर की सीमा से बाहर हटा देना ही सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है।

अक्सर कई घरों में महिलाओं की यह आदत होती है कि वे इन फटे-पुराने कपड़ों को पोछा लगाने या धूल साफ करने के कपड़े (डस्टर) के रूप में इस्तेमाल करने लगती हैं, लेकिन वास्तु के दृष्टिकोण से पूरी तरह बेकार हो चुके चिथड़ों को घर में रखना दरिद्रता को आमंत्रण देना है। इसलिए अपनी अलमारी में केवल और केवल वही वस्त्र सहेजकर रखने चाहिए जो पूरी तरह साफ हों और जिन्हें आप नियमित रूप से पहनते हों।
पुराने कपड़े किसी को देने से पहले इन नियमों का रखें विशेष ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब भी आप अपने पुराने कपड़ों को किसी को दान करने का मन बनाएं, तो कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। कभी भी गंदे, बदबूदार या फटे हुए कपड़े किसी को दान स्वरूप नहीं देने चाहिए, क्योंकि इससे पुण्य मिलने के बजाय उल्टा वास्तु दोष और दुर्भाग्य आपके पीछे लग सकता है। किसी को भी अपने इस्तेमाल किए हुए कपड़े देने से पहले उन्हें अच्छी तरह से साफ पानी और डिटर्जेंट से धो लेना चाहिए। धोने के बाद उन्हें धूप में सुखाकर और ठीक तरीके से तह लगाकर या पैक करके ही आदरपूर्वक दान करना चाहिए, ताकि लेने वाले को भी अच्छा लगे और आपके घर की बरकत भी हमेशा बनी रहे।
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