Vijay Diwas 2025
Vijay Diwas 2025: आज, 16 दिसंबर 2025, को पूरा राष्ट्र विजय दिवस मना रहा है। यह दिन 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय सेना द्वारा दर्ज की गई ऐतिहासिक जीत की 54वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। यह युद्ध मात्र 13 दिनों तक चला और अंततः पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के साथ समाप्त हुआ। इस निर्णायक जीत के खात्मे के साथ ही बांग्लादेश को भी आज़ादी मिली थी।
भारतीय सैनिकों की वीरता और अदम्य साहस के आगे पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए थे और लगभग 93 हज़ार पाक सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था, जो विश्व इतिहास में सबसे बड़ा सैन्य समर्पण माना जाता है। इस गौरवशाली विजय के अवसर पर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजय दिवस के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वीर सपूतों को नमन किया। उन्होंने लिखा, “विजय दिवस के अवसर पर मैं भारत माता के वीर सपूतों को सादर नमन करती हूँ। उनके साहस, पराक्रम और मातृभूमि के लिए अनन्य निष्ठा ने राष्ट्र को सदा गौरवान्वित किया है। उनकी वीरता और राष्ट्रप्रेम देशवासियों को प्रेरित करते रहेंगे।”
राष्ट्रपति ने भारतीय सेना की वर्तमान पहल की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “भारतीय सेना की ‘स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण’ की पहल भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।” उन्होंने विशेष रूप से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसमें सेना ने आत्मनिर्भरता, सामरिक दृढ़ता और आधुनिक युद्ध शैली के प्रभावी उपयोग का परिचय दिया है, जो पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विजय दिवस के अवसर पर एक्स पर अपना संदेश साझा किया। उन्होंने कहा, “विजय दिवस के मौके पर हम उन बहादुर सैनिकों को याद करते हैं जिनके साहस और बलिदान ने 1971 में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।”
प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, “उनके पक्के इरादे और निस्वार्थ सेवा ने हमारे देश की रक्षा की और हमारे इतिहास में गौरव का एक पल दर्ज किया। उनकी बहादुरी को सलाम है। यह दिन उनकी बेमिसाल भावना की याद दिलाता है। उनकी वीरता देश की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीर सैनिकों और शहीदों को नमन किया। उन्होंने 1971 की जीत को याद करते हुए लिखा, “वर्ष 1971 में आज ही के दिन सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस और सटीक रणनीति के बल पर पाकिस्तानी सेना को परास्त कर उसे आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया था।”
गृह मंत्री ने इस विजय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “इस विजय ने अन्याय और अत्याचार के खिलाफ ढाल बन, विश्वभर में मानवता की रक्षा का आदर्श उदाहरण पेश किया और भारतीय सेनाओं की अद्वितीय सैन्य क्षमता और पराक्रम का लोहा मनवाया।” उन्होंने अंत में, “युद्ध में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन” किया।
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