Voter Adhikarv Yatra : बिहार में चल रही कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ उस वक्त विवादों में आ गई जब एक वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी सुनाई दी। वीडियो दरभंगा जिले का बताया जा रहा है, जहां यात्रा के दौरान कुछ कार्यकर्ता मंच से आपत्तिजनक नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालाँकि, वीडियो के समय राहुल गांधी और तेजस्वी यादव मंच पर मौजूद नहीं थे।

बीजेपी का हमला, अमित शाह का तीखा बयान
घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा,“अगर राहुल गांधी में थोड़ी भी शर्म बची है तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।”शाह ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ कहकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A को घेरा। उनका आरोप था कि यह यात्रा सिर्फ वोटबैंक की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए की जा रही है।

संजय राउत का पलटवार, बीजेपी पर साधा निशाना
विवाद पर शिवसेना (यूबीटी) के नेता और सांसद संजय राउत ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए बीजेपी को ही कठघरे में खड़ा किया। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि यात्रा के दौरान पीएम मोदी को गालियां दी जा रही हैं, तो राउत ने जवाब दिया: “कौन दे रहा है गाली? कार्यकर्ता कोई देता होगा, लेकिन बीजेपी के लोग भी अंदर छोड़े जाते हैं। किसी अच्छे काम को बदनाम करने के लिए बीजेपी किसी भी हद तक जा सकती है। महाराष्ट्र में हमने ये कई बार देखा है।” राउत ने इसे बीजेपी की साजिश बताते हुए कहा कि यह सब राहुल गांधी और उनकी यात्रा को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।
विवाद की सियासी गर्मी
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A, 2024 के आम चुनावों से पहले जनता को अपने पक्ष में करने के लिए प्रयासरत है। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का उद्देश्य कथित तौर पर EVM पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों और लोकतंत्र की मजबूती को लेकर जनता को जागरूक करना है।
जहां एक ओर बीजेपी इस घटना को विपक्ष की ‘गिरती सियासी मर्यादा’ बता रही है, वहीं विपक्ष इसे साजिश और बदनाम करने की कोशिश करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब राजनीतिक पारा पहले से ही चढ़ा हुआ है।










