Who is Mohsen Rezaei: ईरान में राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर मोहसिन रेजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) का नया सचिव नियुक्त किया है। यह पद ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। रेजाई की नियुक्ति 9 अगस्त को हुई, जबकि अगले दिन 10 अगस्त को इसे आधिकारिक मंजूरी मिल गई।

कौन हैं मोहसिन रेजाई?
71 वर्षीय मोहसिन रेजाई ईरान के सबसे अनुभवी सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने लंबे समय तक IRGC में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। खाड़ी युद्ध और पश्चिम एशिया के विभिन्न संघर्षों के दौरान वह ईरान की रणनीतिक नीति तैयार करने वाले प्रमुख लोगों में शामिल रहे। अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव के दौर में भी उनकी भूमिका ईरान की सुरक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण रही है।

जोलघाद्र की जगह संभालेंगे रेजाई
रेजाई ने मोहम्मद बाघेर जोलघाद्र की जगह SNSC सचिव का पद संभाला है। जोलघाद्र ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्हें सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई का राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किया गया। जोलघाद्र इस महत्वपूर्ण सुरक्षा पद पर करीब पांच महीने तक रहे थे। रेजाई की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब ईरान के सुरक्षा तंत्र में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
SNSC में खामनेई के निजी प्रतिनिधि होंगे
मोहसिन रेजाई की नियुक्ति को सामान्य प्रशासनिक बदलाव से अलग माना जा रहा है। उनकी सैन्य वरिष्ठता और लंबे अनुभव को देखते हुए सुप्रीम लीडर ने उनके लिए अलग आदेश जारी किया। आदेश में 1980 से 1988 तक चले ईरान-इराक युद्ध के दौरान रेजाई की सैन्य भूमिका और नेतृत्व क्षमता का उल्लेख किया गया। इसके साथ ही उन्हें SNSC में खामनेई का निजी प्रतिनिधि भी बनाया गया है।
कुछ महीनों में तीसरी नियुक्ति
SNSC सचिव के पद पर हाल के महीनों में लगातार बदलाव हुए हैं। मार्च के बाद रेजाई इस पद पर नियुक्त होने वाले तीसरे व्यक्ति हैं। इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमले में पूर्व सचिव अली लारिजानी की मौत की बात सामने आई थी। इसके बाद सुरक्षा तंत्र में कई महत्वपूर्ण फेरबदल किए गए। ऐसे समय में रेजाई की नियुक्ति को ईरान की सुरक्षा प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा तनाव
रेजाई को SNSC की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तनाव बना हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वहीं, ईरान ओमान के साथ इस क्षेत्र में वैकल्पिक रास्ते को लेकर बातचीत भी कर रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में रेजाई का सुरक्षा प्रमुख के तौर पर आना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
27 साल की उम्र में बने थे IRGC कमांडर
मोहसिन रेजाई का जन्म सितंबर 1954 में ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत में हुआ था। 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले वह शाह विरोधी गुरिल्ला नेटवर्क से जुड़े हुए थे। बाद में वह इस्लामिक रिवोल्यूशन ऑर्गनाइजेशन का हिस्सा बने। सितंबर 1981 में अयातुल्ला खुमैनी ने महज 27 वर्ष की उम्र में उन्हें IRGC का कमांडर इन चीफ नियुक्त किया था।
IRGC को आधुनिक सैन्य ताकत बनाने में भूमिका
रेजाई करीब 16 वर्षों तक IRGC के शीर्ष पद पर रहे। उनके कार्यकाल में इस संगठन को अधिक पेशेवर और आधुनिक सैन्य बल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हुआ। उनके नेतृत्व में IRGC के जमीनी, नौसैनिक और हवाई सैन्य ढांचे को मजबूत किया गया। ये इकाइयां ईरान की नियमित सेना से अलग काम करती हैं और देश की सुरक्षा व्यवस्था में इनकी विशेष भूमिका है।
ईरान-इराक युद्ध में निभाई अहम भूमिका
1980 से 1988 तक चले ईरान-इराक युद्ध के दौरान रेजाई ने लंबे समय तक ईरानी सैन्य बलों का नेतृत्व किया। उन्हें इस संघर्ष में कठोर युद्ध रणनीति के समर्थक के रूप में पहचान मिली। 1982 में ईरानी सीमा से इराकी सैनिकों को पीछे हटाने के बाद भी उन्होंने इराकी क्षेत्र के अंदर युद्ध जारी रखने की वकालत की थी।
राजनीति और सुरक्षा में भी रहा प्रभाव
1997 में IRGC प्रमुख के पद से हटने के बाद रेजाई को एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल का सचिव नियुक्त किया गया। यह ईरान का एक प्रभावशाली संवैधानिक निकाय है, जो संसद और गार्जियन काउंसिल के बीच मतभेदों को सुलझाने में भूमिका निभाता है। रेजाई ने 2021 तक इस पद पर काम किया। अब SNSC की कमान मिलने के साथ वह एक बार फिर ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र के केंद्र में लौट आए हैं।
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