Night Broom Superstition: रात में झाड़ू लगाने को लेकर भारत में कई पुरानी मान्यताएं और अंधविश्वास प्रचलित हैं। ज्योतिष, वास्तु शास्त्र और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, रात में झाड़ू लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है, मां लक्ष्मी नाराज होती हैं और इससे आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसके अलावा इस्लाम धर्म की मान्यता इससे बिलकुल अलग है। आइए, इस विषय को विस्तार से समझते हैं। ज्योतिष के अनुसार: ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि रात का समय राहु और केतु ग्रह के प्रभाव में होता है। ये ग्रह तामसिक और नकारात्मक शक्तियों का स्रोत माने जाते हैं। इसलिए इस समय झाड़ू लगाने से घर की सकारात्मक ऊर्जा खत्म हो सकती है और नकारात्मकता बढ़ सकती है। ज्योतिष के दृष्टिकोण से शाम के बाद घर की सफाई में सावधानी बरतनी चाहिए। वास्तु शास्त्र का नजरिया: वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाना शुभ नहीं माना जाता। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय घर में ऊर्जा का प्रवाह धीमा हो जाता है और झाड़ू लगाने से घर की समृद्धि पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। यदि मजबूरी में शाम या रात को सफाई करनी पड़े, तो कूड़े-करकट को बाहर फेंकना जरूरी होता है ताकि नकारात्मक ऊर्जा घर में न ठहरे। हिंदू मान्यता और परंपरा: हिंदू धर्म में झाड़ू को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। ऐसा विश्वास है कि शाम के समय दीपक जलाने के बाद देवी लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं। यदि उसी समय झाड़ू लगाई जाए तो यह उनकी अवहेलना के समान होता है और वे नाराज होकर घर छोड़ देती हैं। इससे घर में दरिद्रता, आर्थिक संकट और अशांति आती है। इसलिए अधिकतर परिवार रात में झाड़ू लगाने से बचते हैं। इस्लाम धर्म में क्या कहा गया है? इस्लाम धर्म में रात में झाड़ू लगाने पर कोई रोक या पाबंदी नहीं है। यह एक भारतीय परंपरा और अंधविश्वास है, जिसका इस्लाम से कोई संबंध नहीं। इस्लाम स्वच्छता को अत्यंत महत्व देता है और कूड़ा-करकट को इकट्ठा होने से रोकने की सलाह देता है। यदि रात को सफाई करना जरूरी हो तो उसे करने में कोई हर्ज नहीं। वैज्ञानिक और सामाजिक कारण: पुराने समय में जब बिजली नहीं थी और घरों में रोशनी कम होती थी, तब रात में झाड़ू लगाने से कीमती सामान खो जाने या कीड़े-मकौड़ों के काटने का डर रहता था। इसलिए यह परंपरा बनी कि रात को झाड़ू न लगाएं। आज भी कई लोग इसे अंधविश्वास मानकर पालन करते हैं। रात में झाड़ू लगाने को लेकर अलग-अलग धर्मों, शास्त्रों और परंपराओं में विभिन्न मत हैं। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसे अनुकूल नहीं माना गया है जबकि इस्लाम में इसे पूरी तरह स्वीकार किया गया है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अब रोशनी और सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था के कारण इस परंपरा का पालन करना जरूरी नहीं रह गया है। इसलिए, यदि आप परंपरा का सम्मान करना चाहते हैं तो रात में झाड़ू लगाने से बच सकते हैं, लेकिन साफ-सफाई और स्वच्छता का ध्यान किसी भी समय रखना आवश्यक है। Read More : Chhattisgarh liquor scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, 23 सितंबर को अगली तारीख तय














