Farooq Abdullah Attack on BJP : दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित INDIA गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की एकता, संविधान और नागरिकों के समान अधिकारों का मुद्दा उठाया। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने देश के लिए पहले भी खून दिया है, आज भी दे रहे हैं और भविष्य में भी देश के लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें इसी वतन में रहना है और भारत की एकता उनके लिए सर्वोपरि है।
‘भारत के लिए खून दिया है, आगे भी देते रहेंगे’
फारूक अब्दुल्ला ने अपने भाषण में देश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि भारत सभी धर्मों और समुदायों के लोगों का देश है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भी देश के लिए अपना योगदान दिया है। उनके मुताबिक, भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की विविधता और एकता को कमजोर करने वाली राजनीति से बचना जरूरी है।

चुनाव आयोग पर फारूक अब्दुल्ला ने उठाए सवाल
रैली में फारूक अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि यदि एक करोड़ से अधिक हिंदुओं के नाम भी मतदाता सूची से हटाए गए हैं, तो क्या उन्हें भी पाकिस्तानी कहा जाएगा? उन्होंने चुनाव आयोग के संबंधित अधिकारियों से इस सवाल का जवाब देने की बात कही।

उनका आरोप था कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर उन्होंने विपक्षी दलों के संघर्ष को जारी रखने की बात कही।
हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भारतीय: फारूक
नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख ने अपने संबोधन में धार्मिक एकता और संविधान की समानता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन सभी भारतीय हैं और भारतीय ही रहेंगे। उनके मुताबिक, भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और प्रत्येक व्यक्ति को बराबरी के आधार पर मतदान करने का अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह के दबाव से डरें नहीं। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियां हमेशा नहीं रहेंगी।
जम्मू-कश्मीर को लेकर भी दिया बड़ा बयान
फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर के भारत के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर पहले भी भारत का हिस्सा था, आज भी है और भविष्य में भी भारत का हिस्सा रहेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग नहीं कर सकती।
उन्होंने देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि किसी एक राज्य या क्षेत्र का विकास पीछे रह जाता है, तो पूरे देश की तरक्की प्रभावित होती है। इसलिए सभी राज्यों और क्षेत्रों का समान विकास जरूरी है।
विपक्षी नेताओं ने कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक निकाला मार्च
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले सहित कई विपक्षी नेताओं ने कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला।
मार्च के बाद आयोजित महारैली में विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा, आरएसएस और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। रैली का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं, चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकार रहे। फारूक अब्दुल्ला के संबोधन में भी संविधान, राष्ट्रीय एकता और समान मतदान अधिकारों पर विशेष जोर देखने को मिला।
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