Headache Causes : आजकल सिरदर्द की समस्या बेहद आम हो गई है। बदलती जीवनशैली, काम का दबाव, तनाव और घंटों मोबाइल या लैपटॉप के सामने बैठने के कारण बड़ी संख्या में लोग इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। ज्यादातर लोग सिरदर्द होने पर इसे थकान या नींद पूरी नहीं होने का परिणाम मानकर दर्द निवारक दवाइयां ले लेते हैं। हालांकि, हर बार सिरदर्द की वजह सामान्य नहीं होती। अगर आपको बार-बार सिरदर्द हो रहा है या दर्द की तीव्रता लगातार बढ़ रही है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। कुछ मामलों में यह शरीर में मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
न्यूरोसर्जन ने बताईं बार-बार सिरदर्द होने की वजहें
गाजियाबाद स्थित यशोदा मेडिसिटी के प्रिंसिपल कंसल्टेंट और न्यूरोसर्जन डॉ. गौरव बत्रा के मुताबिक, बार-बार सिरदर्द होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें माइग्रेन, हाई ब्लड प्रेशर, मानसिक तनाव, नींद की कमी और साइनस जैसी समस्याएं शामिल हैं। कुछ परिस्थितियों में असामान्य सिरदर्द मस्तिष्क से जुड़ी न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि सिरदर्द के प्रकार, उसकी तीव्रता और बार-बार होने के पैटर्न को समझा जाए।

1. माइग्रेन के कारण हो सकता है तेज सिरदर्द
बार-बार सिरदर्द होने की प्रमुख वजहों में माइग्रेन भी शामिल है। यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक तरफ या कभी-कभी दोनों तरफ तेज दर्द महसूस हो सकता है। माइग्रेन का दर्द कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक बना रह सकता है। इसके साथ मतली, उल्टी और रोशनी या तेज आवाज के प्रति संवेदनशीलता जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। कुछ लोगों को सिरदर्द शुरू होने से पहले आंखों के सामने चमकती रोशनी या धुंधलापन भी महसूस होता है। अगर आपको ऐसे लक्षण बार-बार दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

2. हाई ब्लड प्रेशर भी हो सकता है सिरदर्द का कारण
रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर का बहुत अधिक बढ़ जाना कुछ परिस्थितियों में सिरदर्द की वजह बन सकता है। खासकर जब ब्लड प्रेशर खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है, तब सिरदर्द के साथ अन्य गंभीर लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, सामान्य रूप से हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि ज्यादातर लोगों में इसके स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। इसलिए केवल सिरदर्द के आधार पर हाई बीपी का पता नहीं लगाया जा सकता। समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना बेहद जरूरी है।
3. तनाव और नींद की कमी से बढ़ती है परेशानी
मानसिक तनाव और पर्याप्त नींद नहीं लेना भी बार-बार सिरदर्द होने की बड़ी वजह हो सकता है। डॉ. गौरव बत्रा के अनुसार, अत्यधिक तनाव लेने से भी यह समस्या बढ़ सकती है। लंबे समय तक काम करना, चिंता, अनियमित दिनचर्या और देर रात तक जागने की आदत सिरदर्द को बढ़ावा दे सकती है। इसके अलावा लगातार मोबाइल और कंप्यूटर स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। नियमित नींद, व्यायाम और तनाव कम करने वाली गतिविधियां इस समस्या को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।

4. साइनस की परेशानी में भी होता है सिरदर्द
साइनस में सूजन या संक्रमण होने पर भी सिर और चेहरे में दर्द महसूस हो सकता है। इस स्थिति में माथे, आंखों के आसपास, नाक और गालों में दबाव जैसा अनुभव होता है। कई बार झुकने पर दर्द बढ़ सकता है। इसके साथ नाक बंद होना, नाक बहना और चेहरे पर भारीपन महसूस होना भी संभव है। अगर सिरदर्द के साथ ये लक्षण लगातार बने रहते हैं, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
5. न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का भी हो सकता है संकेत
कुछ मामलों में बार-बार या असामान्य तरीके से होने वाला सिरदर्द मस्तिष्क से संबंधित समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है। हालांकि, हर सिरदर्द का मतलब ब्रेन ट्यूमर या किसी गंभीर बीमारी से नहीं होता। दर्द की प्रकृति में अचानक बदलाव, लगातार बढ़ती तीव्रता या दूसरे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
डॉ. गौरव बत्रा के मुताबिक, अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है या दवाइयां लेने के बावजूद ठीक नहीं हो रहा है, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। अचानक जीवन का सबसे तेज सिरदर्द होना, बोलने में परेशानी, हाथ-पैर में कमजोरी, बेहोशी, दौरा या नजर में अचानक बदलाव होना आपातकालीन स्थिति के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों में तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर न्यूरोलॉजिस्ट या न्यूरोसर्जन से जांच और उपचार कराया जा सकता है।


