Angul gangrape tribal woman: ओडिशा में महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों की खबरें सामने आ रही हैं, जो समाज के लिए चिंताजनक हैं। हाल ही में अंगुल जिले के छेंदीपाड़ा इलाके में एक आदिवासी महिला के साथ गैंगरेप का मामला प्रकाश में आया है, जबकि बालासोर जिले में एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न से परेशान होकर आत्मदाह कर लिया। दोनों ही घटनाओं ने राज्य की महिला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

अंगुल में आदिवासी महिला से सामूहिक दुष्कर्म
4 अगस्त को अंगुल जिले के छेंदीपाड़ा थाना क्षेत्र के घने जंगल के पास तीन युवकों ने मिलकर एक आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता अपने भांजे के साथ अस्पताल से लौट रही थी और दोपहर करीब तीन बजे पेट्रोल पंप पर रुकी। पेट्रोल भरवाने और भोजन के बाद महिला जंगल में शौच के लिए गई थी, तभी तीन युवक ट्रैक्टर से वहां पहुंचे और उसे जबरन अगवा कर सुनसान जगह ले गए। वहां तीनों ने उसके साथ बर्बरता की। पीड़िता ने घर जाकर परिजनों को पूरी बात बताई।

पुलिस ने महिला की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से ट्रैक्टर, दो मोबाइल फोन और घटनास्थल पर पहने गए कपड़े बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच तेज़ी से हो रही है और पीड़िता को हर संभव मदद दी जा रही है।
बालासोर में छात्रा का आत्मदाह
बालासोर जिले के फकीर मोहन कॉलेज की एक छात्रा ने यौन उत्पीड़न से तंग आकर 12 जुलाई को कॉलेज परिसर में खुद पर केरोसीन डालकर आग लगा ली। छात्रा ने पहले विभागाध्यक्ष के खिलाफ प्रिंसिपल के पास शिकायत की थी, लेकिन प्रिंसिपल ने उसे शिकायत वापस लेने को कहा। इससे परेशान होकर छात्रा ने आत्मदाह किया।
छात्रा को पहले बालासोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में भुवनेश्वर के AIIMS रेफर किया गया। लगभग 95 प्रतिशत जल चुकी छात्रा ने 14 जुलाई की रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी विभागाध्यक्ष समीर कुमार साहू को गिरफ्तार किया, वहीं प्रिंसिपल दिलीप घोष को सस्पेंड और बाद में गिरफ्तार किया गया।












